बरेली। दिल्ली टनकपुर एक्सप्रेस के एसी कोच में मुफ्त यात्रा करते दो दरोगा समेत 22 पुलिस कर्मियों को चेकिंग टीम ने दबोच लिया। काफी मिन्नतों के बाद भी टीम ने सभी से जुर्माना वसूला। चेकिंग टीम में जंक्शन के सीटीआई और स्टाफ शामिल था।
मुरादाबाद से चंदौसी तक एसी कोच में पुलिस कर्मी वर्दी का हवाला देकर बिना टिकट यात्रा करते हैं। शिकायत कई दिनों से मिल रही थी। टीटीई मुरादाबाद या चंदौसी के होने के कारण पुलिस कर्मियों मना भी नहीं कर पाते थे। चंदौसी के सीएमआई अनुज कुमार ने जंक्शन के सीआईटी बीए खान से ट्रेन को चेक करने का आदेश दिया। उनका मानना था कि ज्यादातर पुलिस कर्मी चेकिंग स्टाफ से अनभिज्ञ होंगे।
सोमवार सुबह सीआईटी बीए खान टीम के साथ मुरादाबाद पहुंच गए। दस बजे दिल्ली से टनकपुर जाने वाली एक्सप्रेस मुरादाबाद पहुंची। कोच में ज्यादातर पुलिस वाले ही चढ़े जिनमें दो दरोगा भी थे। सभी चंदौसी जा रहे थे। 15 मिनट बाद ट्रेन चलने पर टीम ने टिकट मांगा तो किसी के पास नहीं मिला। टीम के टीटीई भी पुलिस वालों की जान पहचान का नहीं निकले। चंदौसी के बाद राजा का सहसपुर (बिलारी) स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो वहां भी पुलिस कर्मियों ने एसी कोच में चढ़ने की कोशिश की लेकिन पता लगते ही सभी जनरल कोच में चले गए। सीआईटी बीए खान ने बताया कि 22 पुलिस कर्मी जिनमें दो दरोगा भी शामिल थे। बिना टिकट पकड़े गए लोगों से 32 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।