पुवायां। राइस मिल पर धान बेचने वाले किसानों के मोबाइल पर भी सरकारी खरीद केंद्रों से मेसेज आ रहे हैं, जिसमें बेचे गए धान की रकम खाते मे भेजने की बात कही जा रही है, लेकिन रुपये खाते में नहीं पहुंच रहे। इस तरह के मेसेज तमाम किसानों के मोबाइल पर आने पर यह मुद्दा कृषक बंधु की बैठक में डीएम के सामने रखा गया। किसानों ने धान खरीद में बड़े पैमाने पर धांधली होने का आरोप लगाया।
बैठक में पुवायां के गांव बितौनी के प्रधान हरिनंदन मिश्रा ने जिलाधिकारी को बताया कि उनके पिता रामदेव ने इस बार धान की फसल नहीं की थी। फिर भी उनके नाम से गांव व्योर किसान उत्थान समिति पर 13 क्विंटल धान की खरीद दिखाई गई। उनके बैंक खाते में लगभग 23855 रुपये भेजे जाने का मेसेज भी आया है, लेकिन खाते में रुपये नहीं आए। उन्होंने बड़ौदा पश्चिमी ग्रामीण बैंक में जाकर पता किया तो बैंककर्मियों ने बताया कि उन्होंने सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचा है, उसका मेसेज आया है। इसके अलावा गांव के ही रामशंकर, रामकिशोरी, गुरमीत सिंह सहित लगभग दस लोगों के मोबाइल पर भी सरकारी सेंटरों पर धान बेचे जाने के मेसेज आए हैं, जबकि इन लोगों ने सेंटर पर धान नहीं बेचा है।
इसके अलावा गांव इनायतपुर के रघुवीर सिंह ने एसडीएम को बताया कि उन्होंने अपना धान राइस मिल को बेचा था, जिसके साक्ष्य भी उनके पास हैं। उनके पास दो सरकारी सेंटरों से मेसेज आए हैं, जबकि उन्होंने वहां धान बेचा ही नहीं है। अन्य कई किसानों का राइस मिल पर बेचा गया धान भी सेंटर पर बिक्री दिखाकर धांधली की जा रही है।
ऐसे हासिल किए किसानों से कागजात
प्रधान हरिनंदन मिश्रा के मुताबिक कुछ माह पूर्व एक राइस मिल के कर्मचारी गांव में आए थे और किसानों की खतौनी और आधार कार्ड की फोटो कापी ले गए थे। उन्होंने बताया था कि किसानों का कंपनी में रजिस्ट्रेशन होना है। इससे किसानों को लाभ होगा। इन्हीं कागजातों के आधार पर धान की फर्जी खरीद दर्शा दी गई है। प्रधान ने बताया कि बैंक मैनेजर और मिल मालिक की मिलीभगत से धोखाधड़ी का खेल चल रहा है।
किसान प्रार्थनापत्र दें, मामले की जांच डिप्टी आरएमओ से कराई जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। कृषक बंधु की बैठक में मामला उठा है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। - इंद्र विक्रम सिंह, डीएम शाहजहांपुर