फरीदपुर नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) पालिका के कंप्यूटराइजेशन और पार्किंगनीलामी के ठेके समेत कई मामलों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में फंस गए हैं। एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने अपनी जांच आख्या में ईओ पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि की है। डीएम को भेजी गई जांच आख्या में ईओ पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
नगरपालिका परिषद फरीदपुर के नामित सदस्य सबीहउद्दीन ने 27 अप्रैल 2015 को जिलाधिकारी गौरव दयाल को एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें फरीदपुर नगर पालिका के ईओ शिवराज सिंह पर नगरपालिका में खरीदे जाने वाली सामग्री में चहेतों को ठेके देकर शासकीय धनराशि के निजी हित में दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। ईओ पर नगरपालिका के कंप्यूटराइजेशन में 13 मार्च को मांगी गई निविदा में न्यूनतम बोली 16.50 लाख रुपये होने पर भी अपनी चहेती फर्म को यूनिवर्सल इंटरप्राइजेज गाजियाबाद को 17 लाख में दिए जाने, सड़क मरम्मत में निर्धारित मानक से सामग्री न लगाने, नई सड़कों के निर्माण में मानक से कम सामग्री इस्तेमाल करने, निजी आवास को नगरपालिका का कैंप ऑफिस बनाने और निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम आमदनी होने के आरोप लगाए गए थे। ठेके पर कर्मचारी रखने के मामले में एडीएम ने अपनी जांच आख्या में संबंधित कर्मचारियों को दोषी ठहराया और उनके वेतन से रिकबरी की संस्तुति की है। जांच में पार्किंगनीलामी का ठेका सरकारी बोली दो लाख रुपये में न नीलाम न कर सतीशपाल सिंह को 1.51 लाख रुपये में देने में ईओ को वित्तीय अनियमितताओं का दोषी पाया गया। जिलाधिकारी से दोषी ईओ के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।