शहर के मंदिर, मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। शहर में जगह-जगह मंदिर, मठिया, मस्जिद या मजार हैं। सावन और रमजान भर ये खतरे में हैं। नगर निगम से चिह्नित रिकार्ड के मुताबिक शहर में 118 स्थान धार्मिक स्थल हैं जो अतिक्रमण करके बनाए गए हैं। हकीकत में सड़क के किनारे और गली मोहल्लों में रखे गए देवी देवताओं की मूर्तियों और मजारों की संख्या इससे दो गुने से भी ज्यादा है। सावन और रमजान में पुलिस के सामने हर समय इन धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एक चुनौती की तरह होती है।
पीलीभीत बाईपास पर कृष्णानगर कालोनी जाने वाली सड़क के कोने पर बने मंदिर में काली, दुर्गा और हनुमान जी की मूर्ति लगी है। शायद ही इस मंदिर में कोई पूजा पाठ करने जाता हो। बगल में ही मजार बनी है। दोनों ही अतिक्रमण के दायरे में हैं। मंदिर और मजार के बीच बने गेट के अंदर मोटर ट्रेनिंग स्कूल चलता है। सेटेलाइट से शहामतगंज के बीच कटरा चांद खां जाने वाली सड़क के कोने पर सड़क के किनारे पंचमुखी हनुमान मंदिर है। बगल में भगवान शिव के दो छोटे-छोटे मंदिर हैं। पीपल के पेड़ के नीचे भी देवी देवताओं की मूर्तियां रख दी गई हैं।
बरेली कालेज के पश्चिमी गेट चौराहे पर छोटे बड़े सात मंदिर हैं। दो मंदिरों के बीच में खाली जगह पर कूड़ा करकट जमा रहता है। पटेल चौक पर नाले के किनारे ठेले वालों ने देवी देवताओं की मूर्ति रख दी है। अब मंदिर का आकार दिया जा रहा है। प्रेमनगर में कोतवाली के निकट सड़क के किनारे बजरंग बली का मंदिर है। किला बिहारीपुर क्षेत्र में हसीना मंडी चौराहे पर मठिया, मलूकपुर बाजदारान में मंदिर रेती चौराहे पर मठिया, छोटी बमनपुरी रोड पर दो मंदिर हैं।
सिटी स्टेशन रोड पर पंजाब नेशनल बैंक के बगल में पेड़ के नीचे देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। किला पुल के निकट दो सड़कों के बीच में मजार बनी है। तिलक इंटर कालेज के बाहर चौराहे के निकट भी मंदिर बना है। नेहरू युवा केंद्र के बाहर पेड़ के नीचे चबूतरा बनाकर मूर्तियां रखी हैं। गांधी उद्यान के निकट पेड़ के नीचे गणेशजी और हनुमान जी की प्रतिमाएं रखी हैं। यहां पूजा करने कोई नहीं आता है। खुर्रम गौटिया वाले रास्ते पर सड़क किनारे पांच मठिया और मंदिर बने हैं। सिंधु नगर के सामने चौराहे वाली मठिया में दुर्गा, पार्वती, गणेश, शिव की मूर्तियां रखी हैं। कटरा चांद खां के पजाया में बरगद के नीचे शनिदेव की मूर्ति बाक्स में है। हनुमान की मूर्ति भी है। बालजती चौराहे की मठिया, दुर्गा मंदिर और राम सीता मंदिर बना है। सूफी टोला में बाल्मीकि मंदिर और शिव मंदिर गलियों में बने हैं।