नदौसी में नगर निगम की जमीन पर जल आकाश फर्म के अवैध कब्जे का मामला अभी चल ही रहा है, इसी बीच सरकारी जमीन पर कब्जे का एक और मामला सामने आ गया है। ग्राम पंचायत का पट्टा निरस्त होने के बाद भी भाजपा नेता ने नगर निगम की 10 हजार वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर रखा है। इस जमीन पर पेट्रोल पंप और बैंक कार्यालय चल रहा है। मेयर ने नगर आयुक्त को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता गोपालचंद्र गुप्ता की शिकायत पर मेयर डा. आईएस तोमर की ओर से नगर आयुक्त को लिखे पत्र में बताया गया कि दिल्ली हाईवे स्थित गांव नदौसी में गाटा नंबर 337 की 10 हजार वर्ग मीटर जमीन कई दशक पहले ग्राम पंचायत ने भाजपा पार्षद दल के पूर्व नेता अरविंद गंगवार के भाई रवींद्र कुमार को पट्टे पर दी थी। 1982 में ये जमीन महानगर पालिका में शामिल कर ली गई। 30 मार्च 1988 को अपर जिलाधिकारी ने इस जमीन पर रवींद्र कुमार का पट्टा निरस्त करने का आदेश देते हुए कहा कि जो भी इस जमीन पर काबिज हो, उसको बेदखल करके महानगर पालिका अपना कब्जा प्राप्त करे। एडीएम ने छह दिसंबर 1990 को अपना ही आदेश एक पक्षीय होने की वजह से निरस्त कर दिया। 22 फरवरी 2007 को अपर नगर आयुक्त प्रशासन ने एडीएम वित्त का छह दिसंबर 1990 का आदेश निरस्त कर दिया। अभिलेखों के मुताबिक रवींद्र कुमार ने इस आदेश के विरुद्ध राजस्व न्यायालय में अपील की जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया। इस तरह एडीएम 30 मार्च 1988 को जारी प्रथम आदेश प्रभावी हो गया। वर्तमान में इस जमीन पर भाजपा नेता का पेट्रोल पंप होने के अलावा बैंक कार्यालय भी चल रहा है। मेयर ने नगर आयुक्त को जारी आदेश में कहा कि तहसीलदार सदर को पत्र लिखकर राजस्व अभिलेखों में ये जमीन नगर निगम के नाम दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही जमीन की पैमाइश कराकर जिस बैंक का कार्यालय चल रहा है, उस बैंक को अवगत कराएं। बैंक अवैध कब्जेदार के बजाय नगर निगम से अनुबंध करे और अब तक बैंक कार्यालय का किराया नगर निगम में जमा कराया जाए।
‘सन 1966 से जमीन हमारे नाम है। ये जमीन कभी भी महानगरपालिका या नगर निगम की नहीं रही।’ अरविंद गंगवार, भाजपा नेता (रवींद्र कुमार के भाई)
‘सरकारी जमीन पर कब्जा करना गलत है। नदौसी में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी पार्टी के नेता का हो, उसकी जांच कराकर हर हाल में हटाना चाहिए।’ पुष्पेंदु शर्मा, महानगर अध्यक्ष भाजपा
‘नदौसी में जमीन पर कब्जे को लेकर भाजपा नेताओं ने हमारे विरुद्ध अनर्गल आरोप लगाकर राज्यपाल को ज्ञापन दिया था। अब खुद भाजपा नेता ने ही सरकारी जमीन कब्जा कर रखी है तो इसे मुक्त कराने में भी मदद करें। हमने नगर आयुक्त से जमीन की दोबारा पैमाइश कराकर खाली कराने को कहा है।’ डा. आईएस तोमर