लगता है कि बरेली में मैगी पर केंद्र सरकार की ओर से लगाए गए प्रतिबंध का कोई असर नहीं है। इसीलिए शहर में जगह-जगह बिक्री के लिए खुलेआम दुकानों पर मैगी के पैकिट रखे हुए हैं। मंगलवार को डीएम के आदेश पर कराई गई छापेमारी में यह खुलासा हुआ और आधा दर्जन दुकानों से मैगी के 225 पैकिट जब्त करके उन्हें नष्ट कर दिया गया।
पिछले माह बाराबंकी में मैगी के नमूनों में सीसा की मात्रा अधिक पाए जाने पर देश के विभिन्न शहरों में नमूने लिए गए थे। इन सभी में सीसा की मात्रा अधिक पाई गई, जिसके आधार पर शुरुआत में तो र्कई प्रांतों की सरकार ने मैगी पर प्रतिबंध लगा दिया । लेकिन पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने पूरे देश में इसे प्रतिबंधित कर दिया था। दो दिन इन पैकिटों को समेटने के लिए दिए गए थे। इसके बावजूद बरेली शहर में मैगी की बिक्री होती रही।
दो दिन पहले डीएम के संज्ञान में यह लाया गया कि प्रतिबंध के बावजूद शहर में मैगी के पैकिट बिक रहे हैं। जिसे गंभीरता से लेते हुए जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम को अभियान चलाने के निर्देश दिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अजय जैसवाल के साथ शहर के शहामतगंज, कोहड़ापीर, सिटी पोस्ट आफिस सिविल लाइन तथा अन्य स्थानों पर छापे मारे। इन छापों में 225 मैगी के पैकिट मिले, जिनको टीम ने अपने सामने नष्ट करा दिया। टाीम के प्रभारी ने बताया कि हालांकि दुकानदारों का कहना है कि यह बचे हुए पैकिट थे, जिनको वापस किया जाना था। सवाल यह है कि ये पैकिट वापस किए जाने थे को कार्टून में बंद करके क्यों नहीं रखे गए। ये पैकिट अन्य सामान की बिक्री के साथ रखे हुए थे।