आंवला से बरेली आते समय छह माह की गर्भवती की ऊना हिमाचल एक्सप्रेस में हालत बिगड़ गई। बरेली जंक्शन पहुंची ये महिला करीब एक घंटे तक प्लेटफार्म नंबर दो पर प्रसव पीड़ा से तड़पती रही और साथ में मौजूद उसकी मां मदद मांगती रही। वह कई अधिकारियों के दरवाजे दौड़ी लेकिन मदद नहीं मिली। इसी बीच स्टेशन पर मौजूद महिला यात्रियों ने प्रसव कराया। महिला ने बेटे को जन्म दिया था लेकिन मृत। उसकी मां बार-बार यही कह रही थी कि अगर वक्त पर अस्पताल चली जाती तो बेटा जिंदा होता। बाद में जीआरपी ने महिला को ऑटो से महिला जिला अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया।
शाहबाद (रामपुर) के टांडा निवासी गुलाब शाह की ससुराल आंवला के रामनगर क्षेत्र के गूलर गांव में है। गुलाब शाह की गर्भवती पत्नी फूल बी का उपचार बरेली के जिला महिला अस्पताल में चल रहा था। इसलिए फूल बी अपने मायके में ही रह रही थी। मंगलवार को फूल बी अपनी मां सलीमन के साथ ऊना हिमाचल एक्सप्रेस से आंवला से बरेली आ रही थीं। ट्रेन में ही गर्भवती फूल बी को पीड़ा हुई। दर्द अधिक बढ़ने से उसकी हालत खराब हो गई। ट्रेन करीब एक बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची तो मां ने गर्भवती बेटी को ट्रेन से उतारा। फूल बी दर्द से तड़पती रही और उसकी मां मदद को इधर उधर भटकती रही। घंटों इंतजार के बाद भी मदद नहीं मिली। इधर महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी। महिला यात्रियों ने प्रसव कराया। वेंडर कमलेश की सूचना पर दोपहर 2:10 पर स्टेशन मास्टर ने जीआरपी और डॉक्टर को मेमो भेजा। जीआरपी दरोगा रामलाल महिला कांस्टेबिल अर्चना के साथ आ गए, लेकिन डॉक्टर नहीं आए। उसने सिर्फ एक नर्स को भेजकर अपने सिर की बला टाल दी। नर्स ने भी फूल बी को एक दर्द का इंजेक्शन लगाया। इसके बाद दरोगा ने महिला सिपाही की मदद ऑटो में बैठाकर जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। यहां फूल बी की मां बच्चे को गोद में लिए साथ में पहुंची। डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। लोगों का कहना था कि रेलवे की लापरवाही ने एक मां की गोद सूनी कर दी। काश समय से इलाज मिल जाता तो शायद बच्चा बच जाता।
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हमने दोपहर 14:10 पर मेमो भेज दिया था। रेलवे अस्पताल के वार्ड ब्वाय ओमप्रकाश ने दोपहर 14:20 पर मेमो रिसीव किया और अस्पताल से नर्स आई, लेकिन तब तक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया था, जिसकी मौत हो चुकी थी।
सुरेश चंद्र शर्मा, स्टेशन अधीक्षक
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समय पूर्व प्रसव होने से बच्चे की मौत हुई है। हमने मेमो से पहले ही मौके पर पहुंचकर महिला कांस्टेबिल और दरोगा की मदद से महिला को जिला महिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया।
- चंद्रशेखर गुप्ता, इंस्पेक्टर जीआरपी