बरेली की कुतबखाना मस्जिद को लेकर उठे विवाद के बाद अब उत्तर प्रदेश की वक्फ संपत्तियों को लेकर सुन्नियों ने देवबंदियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि प्रदेश भर में जितने भी सुन्नियों की वक्फ संपत्तियों पर देवबंद मसलक के लोगों का कब्जा उन्हें हटाया जाए। इसे लेकर सुन्नियों ने लखनऊ की दादा मियां दरगाह के आहते में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया।
कुतबखाना मस्जिद वक्फ की संपत्ति है। यह संपत्ति अंजुमन इस्लामियां की है जो सुन्नियों की है। इस मुद्दे पर प्रदेश भर की वक्फ संपत्तियों पर से देवबंद मसलक के लोगों का कब्जा हटाने की मांग उठाई गई। इसी के विरोध प्रदर्शन में बरेली सहित तमाम बड़ी दरगाहों और खानकाहों के प्रतिनिधि लखनऊ में जुटे। इसमें प्रमुख रूप से बरेली की दरगाह आला हजरत से मौलाना तसलीम रजा खां कादरी, कछौछा शरीफ के सय्यद मोहम्मद हाशमी मियां, मुंबई के सय्यद खालिद अशरफ मियां सहित दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, वराणसी आदि की कई प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। धरने के दौरान वहां पर लोक निर्माण मंत्री एवं सिचाई मंत्री शिव पाल सिंह यादव धरना स्थल पर पहुंचे। उनके साथ वक्फ मंत्री रियाज अहमद व अन्य मंत्री भी थे। उन्हें सुन्नियों ने वक्फ संपत्ति मामले के संबंध में ज्ञापन सौंपा।
लखनऊ से वापस आ रहे मौलाना तसलीम रजा खां ने बताया कि वक्फ संपत्तियों के अलावा खास तौर से बरेली के कुतबखाना मस्जिद विवाद सहित गोरखपुर और वाराणसी की मस्जिदों के मुद्दे भी शामिल थे। इसके अनुसार शिव पाल सिंह से मांग करते हुए उन्हें बताया गया कि प्रदेश भर में सुन्नियों की 6 लाख से ज्यादा वक्फ संपत्तियां हैं। इसमें से 35 से 40 प्रतिशत संपत्तियों पर देवबंदी मसलक के लोगों का कब्जा जिसे हटावाने की मांग की गई है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य मंत्री से मिलने का समय भी मांगा गया है। संभवता 11 जून को मुलाकात हो सकती है। इधर बरेली से धरने में शामिल होने गए लोगों में अधिवक्ता नुसरत अली खां, काजी उवैस अहमद, मोहम्मद सलमान, साहिल रजा अजहरी, कुरबान रजा आदि शामिल रहे।