गड़बड़ी को लेकर मचे तूफान ने बच्चों के चहेते ब्रांड मैगी को धरातल पर ला दिया है। जैसे-जैसे शोर बढ़ रहा है वैसे-वैसे मैगी की बिक्री का ग्राफ नीचे सरक गया। सेना और एयरफोर्स की कैंटीनों से लोगों ने मैगी खरीदना बंद कर दिया है। प्रतिबंध का आदेश तो अभी नहीं पहुंचा है लेकिन अघोषित रोक लगाई जा चुकी है। बाजारों में मैगी की खरीद बिल्कुल खत्म हो गई है। हालांकि पहले डिस्ट्रीब्यूटर सिर्फ तीस फीसदी की बिक्री कम मान रहे थे लेकिन अब माना जा रहा है कि अस्सी फीसदी से भी ज्यादा बिक्री प्रभावित हुई है।
मिलावट पर शोर पहली बार नहीं मचा है लेकिन सवाल बच्चों की सेहत का था इसलिए मैगी की गड़बड़ी घर-घर में गूंज रही है। ड्राइंग रूम से लेकर चौराहों तक पर मैगी में पाए गए खतरनाक तत्वों की चर्चा है। उससे होने वाले नुकसान पर भी बहस चल रही है। बुधवार को सेना ने मैगी पर प्रतिबंध लगा दिया था और परिवारों को साफ कहा था कि मैगी न खरीदें। इसका असर बरेली में भी हुई है। यहां की कैंटीनों में बिक्री बंद हो गई है। पुराना स्टाक अभी पड़ा हुआ है लेकिन इसे करना क्या है इसको लेकर असमंजस की स्थिति है।
जाट रेजीमेंट सेंटर के कमांडिंग आफिसर ब्रिगेडियर अनिल शर्मा ने बताया कि मैगी प्रतिबंध करने का कोई आदेश अभी नहीं मिला है। वहीं, आर्मी के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मैगी हानिकारक होने की खबर के बाद कैंटीनों में इसकी बिक्री नहीं हो रही है। त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य प्रशासनिक आफिसर ग्रुप कैप्टन मैथ्यू ने बताया कि एयरफोर्स स्टेशन की कैंटीन में मैगी उपलब्ध नहीं है।
मैगी के पांच नमूने लिए
बरेली। मैगी में हानिकारक तत्वों की उपस्थिति ने हड़कंप मचाया तो सख्ती भी शुरू हो गई है। पहले आठ नमूने लिए गए थे अब राजेंद्र नगर और सिविल लाइंस में छापे मारकर पांच और नमूने लिए गए। डीएम के निर्देश पर जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय जायसवाल ने डीडीपुरम स्थित ईजी डे से नूडल्स के दो नमूने लिए हैं। ये दोनों नोर नूडल्स के हैं। सिविल लाइन स्थित ईजी डे एक-एक नमूना एपी नूडल्स, टॉप नूडल्स तथा स्मिथ एंड जान के लिए हैं। ये सभी नमूने बृहस्पतिवार को परीक्षण के लिए लेबोरेटरी भेज दिए हैं।