कुदेशिया फाटक ओवरब्रिज पर हादसे में पटाखा व्यवसायी पिता पुत्र की मौत ने लोगों को दहला दिया है। उद्घाटन से पहले ही यह पुल चालू हो गया था जिसमें कई कमियां थीं। न तो साइड रोड बनी और न ही पटरी। अतिक्रमण होने से रोजाना जाम लग रहा है। सपा पार्षद दल ने अधूरे बने ओवरब्रिज को चालू करने से होने वाली दुघर्टनाओं के लिए सेतु निगम के इंजीनियरों को जिम्मेदार ठहराया है।
कुदेशिया फाटक ओवरब्रिज एक्सीडेंट जोन बनता जा रहा है। ओवरब्रिज पर अवरोधक नहीं लगाए गए। नैनीताल रोड की ओर से पुल की ढलान सड़क के किनारे से निकाल देने से दुघर्टनाएं बढ़ गई हैं। शनिवार को सपा के एक दर्जन से ज्यादा पार्षदों ने कुदेशिया फाटक पहुंचकर ओवरब्रिज को देखा। पार्षद दल नेता राजेश अग्रवाल ने बताया कि पुल पर अवरोधक न लगा होने से पिता पुत्र को बाइक हादसे में जान गवांनी पड़ी। बबलू खान का कहना था कि दोनों साइड की रोड बनाए बिना ओवरब्रिज को चालू करा देने से दुघर्टनाएं और जाम की समस्या बढ़ रही हैं। गौरव सक्सेना के मुताबिक पुल के आस-पास रोड के दोनों ओर प्रतिदिन 50 ट्रक खड़े होते हैं। रेता बजरी के चट्टे खड़े हैं। पुल के नीचे ढेरों मलवा पड़ा है। ट्रकों के मिस्त्री सड़क पर ट्रक खड़ा करते हैं। स्कूल की छुट्टी होने पर रोजाना घंटों जाम लगता है। दल में शामिल पार्षद पति दीपक सक्सेना, अशोक अरोड़ा, रजनीश यादव, मो. असलम, शमीम अहमद, जमुना प्रसाद, सुखदीश कश्यप पुल की खामियां दूर कराने के लिए जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से भी मिलेंगे।