बरेली। एलन यूनियन क्लब में एक तिहाई सदस्य अवैध पाए जाने के बाद वहां का मनमाना खर्च भी जांच के दायरे में लाने की तैयारी हो रही है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, कुछ पदाधिकारी वर्षों से क्लब पर हावी हैं और उनके कार्यकाल में आय-व्यय में भारी गड़बड़ियां हुई हैं। इसकी जांच कराने को लेकर कई शिकायतें क्लब अध्यक्ष यानी कमिश्नर रणवीर प्रसाद तक पहुंची हैं।
एलन क्लब में कुछ लोग महत्वपूर्ण पदों पर पिछले कई वर्षों से हावी हैं। आर्थिक गड़बड़ी करने वाले इन पदाधिकारियों की लॉबी भी मजबूत है। इन पदाधिकारियों ने अपने कार्यकाल में तमाम मिलने वाले लोगों को नियमों को ताक पर रखकर सदस्यता दिला दी। कमिश्नर से शिकायत के बाद जब जांच हुई तो एक तिहाई से ज्यादा सदस्य अवैध पाए गए। मगर आय-व्यय में हुई भारी गड़बड़ियाें की जांच अभी बाकी है। इसी वजह से कमिश्नर के तेवरों को देखकर क्लब में खलबली मची है। बताया जाता है कि पिछले साल तक कुछ चर्चित पदाधिकारियों के घर सब्जी और शराब फ्री में सप्लाई हो रही थी। मगर कमिश्नर की सख्ती के बाद इस पर ब्रेक लग गए हैं।
सुंदरीकरण के नाम पर लूटपाट
स्वीमिंग पूल और भवन नवीनीकरण आदि कामों पर होने वाले वास्तविक खर्चों से कहीं अधिक व्यय खातों में दिखाया जाता रहा है। बार में हर माह दो दर्जन से ज्यादा बोतलें टूटफूट में दिखाई जाती हैं। इस खेल में कुछ पदाधिकारी और प्रमुख सदस्यों का हाथ रहता था, इसके तहत ही फ्री पैग का दौर चलता था। बमुश्किल आधे सदस्यों से खर्च लिए जाते हैं, बाकी सब हिसाब-किताब में खप जाते थे।
मेरे कार्यकाल में आय-व्यय और अन्य गतिविधियां नियमानुसार हुई हैं। इससे पहले क्लब में गड़बड़ियां हुई, उसके लिए मौजूदा कमेटी और पदाधिकारी जिम्मेदार नहीं हैं। जांच होने से पारदर्शिता ही आएगी।
- संदीप अग्रवाल मिंटू, सह सचिव