बरेली। शासन की जांच में कई जिलों के साथ बरेली में भी यह सामने आया है कि ई-टेंडर की अंतिम तिथि बिना किसी औचित्य के आगे बढ़ा दी गई थी। सीएम के आदेश पर हुई जांच के बाद पीडब्ल्यूडी के अफसर बचाव में जुट गए हैं। विभाग में इस मामले को लेकर हड़कंप मचा रहा।
सीएम योगी ने वर्ष 2017-18 और वर्ष 2018-19 में पीडब्ल्यूडी में हुए टेंडर के ऑडिट के निर्देश दिए थे। शासन स्तर पर गठित टीम ने अन्य कई जिलों के साथ बरेली में भी हुए ई-टेंडर की जांच की गई। बताते हैं कि अलीगढ़ के साथ ही बरेली में भी इन दोनों वर्षों में कराए गए करीब दस करोड़ के ऊपर के कामों की जांच कराई गई थी। जांच में यह सामने आया कि टेंडर के मूल्यांकन में तो कोई गड़बड़ी नहीं थी लेकिन बगैर किसी खास वजह के टेंडर की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया था। इस रिपोर्ट के बाद शासन ने यह अफसरों से इसकी वजह भी पूछी है।