बरेली। कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष शिखा नायर और उनके पति पर घर में घुसकर किए गए कथित हमले के मामले में पेच फंस गया है। पुलिस के मुताबिक, जो साक्ष्य मिले हैं, उनसे यह सिर्फ कहासुनी और गालीगलौज का मामला सामने आ रहा है। इस बीच दूसरे पक्ष ने भी तहरीर दे दी है।
शिखा ने रिपोर्ट कराई थी कि झगड़े के मामले में एक पक्ष की पैरवी से नाराज सभासद अब्दुल हमीद मंगलवार देर रात अपने चार बेटों नदीम, शाइन, नाजिम, कासिम और पंद्रह अन्य असामाजिक तत्वों को लेकर उनके घर आ धमके और हमला कर दिया। पुलिस के आने पर ये लोग भाग गए। गुरुवार को शिखा के घर जुटे भाजपा नेताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रणनीति बनाई। वहीं, अब्दुल हमीद की ओर से भी कैंट थाने में तहरीर दे दी गई। इसमें कहा गया है कि शिखा नायर के परिवार के लोगों की थाने में हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। इन लोगों ने कुछ समय से ही उनके वार्ड में रहना शुरू किया है और आते ही उनसे रंगदारी मांगने लगे थे। 13 नवंबर को उनके वार्ड के दो लोगों में झगड़ा हो गया था। उन्होंने सभासद होने के नाते झगड़ा शांत कराने की कोशिश की तो ये लोग धमकाने आ गए। इंस्पेक्टर कैंट अश्विनी कुमार ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से तो मामूली कहासुनी के ही साक्ष्य मिले हैं। जांच के बाद कार्रवाई होगी। दूसरे पक्ष की तहरीर नहीं देखी है। तहरीर आई है तो उसकी भी रिपोर्ट लिखी जाएगी।