बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डेढ़ सौ करोड़ रुपये बैंक खाते से निकालकर पब्लिक सेक्टर की कंपनी में निवेश कर दिए जाने पर माहौल पहले से गर्म है, इसी बीच बीटेक छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं और स्पोर्ट्स ग्राउंड की दुर्दशा का मामला भी गूंजने लगा है। कंप्यूटर साइंस विभाग के पीछे बीटेक के सैकड़ों छात्र-छात्राओं की जांची जा चुकी उत्तर पुस्तिकाओं को कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया है।
परीक्षा के दौरान रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मूल्यांकन प्रक्रिया पर तमाम सवाल उठे थे। जांच में पकड़ा गया था कि परीक्षक छात्र-छात्राओं की एक कॉपी जांचने में एक मिनट से भी कम समय लगा रहे हैं। दो दिन पहले बीयूएमएस की कापियों में भी कुछ सवालों के उत्तर बिना जांच किए छोड़ देने के आरोप लगे थे। शनिवार को बीटेक के सैकड़ों छात्र-छात्राओं की चेक की हुई उत्तर पुस्तिकाएं कूड़े के ढेर में फेंक दिए जाने का नया मामला सामने आया है। वर्ष 2015 की यह उत्तर पुस्तिकाएं कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के पीछे पड़ी हुई स्टाफ के कुछ लोगों और छात्रों ने देखीं तो हल्ला मच गया। उत्तर पुस्तिकाओं का यह हाल देखकर हैरत में पड़े कुछ शिक्षकों का कहना था कि अगर भविष्य में इनमें से किसी कॉपी को लेकर कोर्ट में मामला फंसा या कॉपी दिखाने की नौबत आई तो विश्वविद्यालय को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। इस बारे में जानकारी के लिए परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह को फोन किया गया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। वहीं, कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला का मोबाइल भी स्विच ऑफ था।
मूल्यांकन के साथ गोपनीय रिकार्ड भी कूड़े में
कूड़े के ढेर में फेंकी गई कापियों के साथ ही तमाम लिफाफे भी पड़े हैं। इन पर गोपनीय दस्तावेज लिखा हुआ है और कई लिफाफे स्टेपलर से बंद किए गए हैं। इन्हें देखकर लगता है कि जैसे कि ये खोले भी नहीं गए हैं। यह सभी लिफाफे डीन आईटी को संबोधित करते हुए नरेंद्र कुमार, डॉ. विनय ऋषिपाल, डॉ. एसएस बेदी आदि की ओर से प्रेषित किए गए हैं।
स्पोर्ट्स ग्राउंड में शराब के पाउच
अनदेखी के चलते विश्वविद्यालय का स्पोर्ट्स ग्राउंड और विश्वविद्यालय के अन्य तमाम हिस्से शराबियाें ने नशाखोरी के अड्डे बना दिए हैं। शनिवार को स्टेडियम के साथ ही पांचाल संग्रहालय के पीछे शराब के पाउच, बोतल और तमाम गिलास बिखरे पड़े नजर आए।