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मुसलमानों की ओर से कश्मीर में राहत और मॉब लिंचिंग पर कानून की उठाई मांग

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बरेली। कश्मीर और मॉब लिंचिंग के मामले को लेकर मस्जिदों के इमाम और अवामे अहले सुन्नत ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। जुमे की नमाज के बाद यह सभी जिला परिषद मार्ग पर सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए थे।
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प्रदर्शन से पहले जुमे की नमाज में शहर की सभी मस्जिदों में नमाज के बाद इस्लामियां इंटर कॉलेज के मैदान पर एकत्र होने का एलान किया गया था। वहां से कलक्ट्रेट तक शांति मार्च निकालकर कलक्ट्रेट तक जाएंगे। जुमे की नमाज के बाद शहर इलाकों से लोग इस्लामियां इंटर कॉलेज मैदान पर जुटने लगे। उधर, थोड़ी देर में दरगाह आला हजरत की गली से बड़ी संख्या में लोग बिहारीपुर से निकलकर जिला परिषद मार्ग पर पहुंचे। यह लोग करोलॉन की आला हजरत मस्जिद तक पहुंचे ही थे कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने उनसे वहीं पर ज्ञापन ले लिया। इस बीच इस्लामियां में एकत्र लोग भी वहीं आ गए।
इन लोगों ने शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम और मुफ्ती राहत खां कादरी के नेतृत्व में हाथ में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार, सीओ अशोक कुमार और कोतवाल गीतेश कपिल आदि की मौजूदगी में सभी इमामों की ओर से ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि 35 दिन हो चुके हैं अब कश्मीरियों को राहत दी जाए। उन्हें दवाइयां सहित अन्य चीजेें मुहैया कराई जाएं। कश्मीर हमारे मुल्क हिंदुस्तान का ही हिस्सा है। यही नहीं देश के हर जगह रहने और बसने वाले इंसान बिना तफरीक मजहबों मिल्लत इंसानियत की बुनियाद पर हमारे हैं।
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इसके अलावा यह मांग भी है कि मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बने ताकि इस तरह की घटनाएं खत्म की जा सकें। यह जम्हूरी मुल्क है यहां अमन और भाई चारा कायम रखने के लिए यह जरूरी है। ज्ञापन देने वालों में मुफ्ती खुर्शीद और मुफ्ती राहत के साथ मौलाना राशिद रजा मरकजी, मौलाना निजामुद्दीन मुफ्ती नाजिम मिस्वाही, मौलाना फहीम अख्तर, मौलाना कमर रजा कादरी आदि मौजूद रहे। उधर, महलऊ इज्जतनगर में मौलाना कादरी के नेतृत्व आ रहे लोगों को वहीं रोक कर सीओ ने ज्ञापन ले लिया।
अफवाह से पुलिस में हड़कंप
बरेली। इमामों और अवाम के प्रदर्शन को लेकर यह खबर फैली कि यह लोग पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ज्ञापन देने जा रहे हैं। इस पर पुलिस में हड़कंप मंच गया। जब पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम से बात की तो उन्होंने इसे अफवाह बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कार्यक्रम सिर्फ इस्लामियां से कलक्ट्रेट तक शांति मार्च निकालकर ज्ञापन देना ही था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं था।
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