बरेली के हाफिजगंज में किसानों का 53 करोड़ रुपये का भुगतान ओसवाल चीनी मिल पर बकाया है। भुगतान न करने पर एसडीएम नवाबगंज के निर्देश पर तहसीलदार ने बृहस्पतिवार को चीनी गोदाम को सील कर नोटिस चस्पा करा दिया। संपत्ति को कुर्क कर परिसर में लाल झंडे लगवाए गए हैं।
ओसवाल चीनी मिल पर किसानों का लगभग 53 करोड़ रुपये का बकाया है। पांच करोड़ रुपये गन्ना समिति का है। लेकिन मिल प्रबंधन द्वारा पेमेंट न करने से क्षेत्र के किसान बेहद परेशान हैं। इसको लेकर क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर एमपी आर्य, गन्ना समिति के अध्यक्ष निर्भय गंगवार ने मुख्यमंत्री से मिलकर गन्ना भुगतान दिलाए जाने की मांग की थी।
आरसी के बाद भी नहीं किया था भुगतान
इसके बाद मिल को आरसी जारी की गई थी। उसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इस पर बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी उदित पवार, तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह अपनी राजेश टीम के साथ ओसवाल चीनी मिल पर पहुंचे। मिल के गोदाम में करीब 8500 कुंतल चीनी का स्टॉक मिला।
यह भी पढ़ें- IAS Rinku Singh: 'कुछ लोग बौखला गए थे...', उठक-बैठक लगाने वाले अफसर ने बताई तबादले के पीछे की कहानी
एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने गोदाम पर ताला लगवाकर सीज कर दिया। मिल परिसर में लाल झंडे लगवा कर नोटिस चस्पा कर दिया गया। तहसीलदार ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर मिल के गोदाम को सीज किया किया है। मिल की संपत्ति को कुर्क कर लाल झंडा लगवा दिए गए हैं।
45 हेक्टेयर जमीन भी कुर्क
तहसीलदार ने बताया कि ओसवाल चीनी मिल की हरदुआ व मुड़िया भीकमपुर में 45 हेक्टेयर जमीन है। उसको भी कुर्क किया गया है। ओसवाल चीनी मिल की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्दी नीलामी कर किसानों का भुगतान कराया जाएगा।