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बरेली: ओसवाल चीनी मिल पर लगा ताला, कर्मचारियों को निकाला गया बाहर, 22 अक्तूबर को होगी नीलामी

Thu, 01 Oct 2026 06:12 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, नवाबगंज (बरेली)

सार

नवाबगंज क्षेत्र में ओसवाल चीनी मिल में तालाबंदी कर कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया है। यह कार्रवाई किसानों के लगभग 74 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया होने के कारण की गई है। मिल की नीलामी 22 अक्तूबर को होगी।
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चीनी मिल परिसर में एसडीएम व पुलिस बल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली के नवाबगंज तहसील क्षेत्र में किसानों को गन्ना भुगतान न करने पर जिला प्रशासन ने ओसवाल चीनी मिल पर शिकंजा कस दिया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम नवाबगंज, जिला गन्ना अधिकारी, तहसीलदार सरकारी अमले के साथ ओसवाल चीनी मिल पहुंचे। अधिकारियों ने मिल कर्मियों और परिसर में रह रहे परिवारों को बाहर निकाल कर ताला लगवा दिया। अधिकारियों ने परिसर में झंडी लगवाकर 22 अक्तूबर को नीलामी की तिथि तय कर दी है। इस कार्रवाई से मिल प्रबंधन में खलबली मच गई है।

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नवाबगंज क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में स्थित ओसवाल चीनी मिल पर गन्ना किसानों का लगभग 74 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है। गन्ना भुगतान न किए जाने पर प्रशासन ने मिल की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी। मिल की नीलामी को लेकर दो सप्ताह पहले पुणे (महाराष्ट्र) की टीम ने आकर 180 करोड़ रुपये का मूल्यांकन किया है। 
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मिल की बिजली कटवाई 
बृहस्पतिवार को एसडीएम सचिन यादव जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सिंह, तहसीलदार सतेंद्र कटियार, नायब तहसीलदार शुभम पांडेय के साथ ओसवाल चीनी मिल पहुंचे। एसडीएम ने मिल में कर्मचारियों और मजदूरों को मिल परिसर से बाहर कराकर ताला लगवा दिया। एसडीएम ने विद्युत निगम के जेई को बुलाकर मिल की बिजली को कटवा दिया। मिल में रहने वाले परिजनों को तीन घंटे के अंदर आवासों को खाली करने के आदेश दिए गए।

मिल मालिक के आवास पर भी ताला लगा दिया गया। वहां रह रहे कर्मचारियों को मिल से बाहर कर दिया गया। अचानक हुई कार्रवाई से मिल कर्मचारियों में खलबली मची रही। इस बीच मिल प्रबंधन के अधिकारियों के पास फोन घनघनाने लगे। अधिकारियों ने मिल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि 22 अक्तूबर को मिल की नीलामी है। नीलामी के बाद जो निर्देश होंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी।

चीनी मिल पर बकाया है 74 करोड़ रुपये 
चीनी मिल पर किसानों का वर्ष 2023-24 में 107 करोड़ 12 लाख रुपये बकाया था, जिसमें 91 करोड़ 64 लाख रुपये का भुगतान करा दिया। वर्ष 2024 -25 में ओसवाल चीनी मिल ने किसानों से 39 करोड़ 45 लाख रुपये का गन्ना खरीदा लेकिन भुगतान नहीं किया। अब ओसवाल मिल पर किसानों का ब्याज समेत लगभग 74 करोड़ रुपये हो गया है। प्रशासन ने मिल की आरसी जारी भूमि को कुर्क कर दिया। इसके बावजूद मिल ने किसानों का भुगतान नहीं किया। बाद में प्रशासन ने पुणे से तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम बुलाकर मिल का मूल्यांकन कराया। टीम ने मिल का 180 करोड़ रुपये में मूल्यांकन किया है।

गुरुद्वारे और मंदिर के पुजारियों को रहेगी छूट 
ओसवाल मिल के अंदर बने गुरुद्वारे के जत्थेदार और मंदिर के पुजारियों को मिल में आने जाने पर रोक नहीं लगाई गई है। मिल के अंदर इनके अलावा मिल का कोई भी कर्मचारी प्रशासन की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं करेगा। मिल पर पुलिस की तैनाती की जाएगी। साथ ही मिल के गेट के बाहर सुरक्षा कर्मी तैनात रह सकते हैं।
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एसडीएम सचिन यादव ने बताया कि किसानों का गन्ना बकाया भुगतान को लेकर प्रशासन ने ओसवाल चीनी मिल परिसर में नीलामी की झंडी को लगा दिया है। 22 अक्तूबर को नीलामी की जाएगी। पूरी मिल का मूल्यांकन 180 करोड़ रुपये है। नीलामी तक मिल में तालाबंदी कर दी गई है। प्रशासन की अनुमति के बिना किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। किसानों का शीघ्र भुगतान कराया जाएगा।
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