मेन गेट पर सुबह से ही किसान गन्ना लदी ट्रालियां लेकर खड़े थे। जब दस बजे तक गेट नहीं खुला तो मिल बंद होने की बात बताई गई। पता चला कि गेट को बेल्डिंग से बंद कर दिया गया है। गन्ना खरीद पर लगे कंप्यूटर और लाइटें हटा ली गई हैं। इस पर किसानों का पारा चढ़ गया। उन्होंने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे गन्ना समिति के सचिव प्रदीप कुमार यादव ने मिल के जीएम केन सुनील अरोरा और मैनेजर गुरुदेव सिंह को बुला लिया। उन्होंने तत्काल गेट खुलवाने और गन्ना की तौल करने को कहा। हालांकि गेट खोल दिया गया मगर तुलवाई शुरू नहीं हुई। गंगाराम गंगवार, मंगलसेन, केवलराम, सुरेश चंद्र, राकेश, राजवीर, राजेंद्र, धनपाल, मोहन स्वरूप, महेंद्र पाल आदि किसानों ने पर्चियां न मिलने की शिकायत की। सचिव ने कहा कि जब तक यहां किसानों का गन्ना रहेगा मिल चलती रहेगी। यदि प्रबंधन मिल नहीं चलाना चाहता तो उसे लिखकर देना होगा। उधर, भाजपा किसान मोर्चे के जिलाध्यक्ष रामपाल गंगवार ने अचानक मिल बंद किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मिल के जीएम केन सुनील अरोरा ने कहा कि किसान नहीं आ रहे हैं इसलिए ऊपर नो केन की रिपोर्ट भेजी गई थी।
यदि मिल समय से पहले बंद होती है तो पांच-पांच लाख रुपए में मुचलका पाबंद किए गए जीएम, एसपी ओझा, सुनील अरोरा, गुरुदेव सिंह और रवि राजौरा से इसकी वसूली कर किसानों की भरपाई की जाएगी।
-रजनीश राय, एसडीएम