बरेली। डीएम ने बुधवार को मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले के मछली पालन को बढ़ाने और मछुआरों की अच्छी आय के लिए बाहर से आने वाली सप्लाई को रोकने के निर्देश दिए। इसी क्रम में योजनाओं में पात्रों के आवेदनों पर उन्हें लाभान्वित करने पर जिला स्तरीय समिति ने अनुमोदन दिया।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक के बाद सहायक निदेशक मत्स्य गायत्री पांडेय ने बताया कि जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना में प्राप्त आवेदनों पर चर्चा हुई। इस योजना में जिले को प्रथम वर्ष निवेश 6.75 हेक्टेयर का लक्ष्य है। मत्स्य बीज बैंक स्थापना के लिए 1.12 हेक्टेयर का लक्ष्य है। सहायक निदेशक मत्स्य ने बताया कि डीएम ने जिले में बाहर से आने वाली मछली पर रोक लगाते हुए स्थानीय मत्स्य पालकों को बढ़ावा देने को कहा है। जिसके क्रम में एसडीएम के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एक मत्स्य पालक ने तालाब में कूड़ा, करकट व गंदगी डालने वाले मैरिज हाल वाले के विरुद्ध शिकायत की। उसने अधिकारियों को बताया कि इससे मछली के बच्चे मर जाते हैं और तालाब बार-बार साफ करना पड़ता है। डीएम ने इस मामले में कार्रवाई के लिए मीरगंज एसडीएम को निर्देश दिए हैं। संवाद