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तिकुनिया हिंसा केस: गवाहों को प्रभावित करने के मामले में जांच के आदेश, अधिवक्ता बोले- इंसाफ की डोर होगी मजबूत

Mon, 20 Jan 2025 10:02 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी

सार

तीन अक्तूबर 2021 को तिकुनिया में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे थे। उसी दौरान वहां हिंसा हो गई थी। इसमें चार किसानों व एक पत्रकार समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी।
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विस्तार
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तिकुनिया हिंसा में हताहत किसानों की ओर से पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ितों के दर्द को समझते हुए गवाहों को प्रभावित करने के मामले में जांच कराने के आदेश दिए हैं। इससे इंसाफ की डोर मजबूत होगी।

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उन्होंने कहा कि न्याय होने के साथ ही न्याय का पारदर्शी होना भी जरूरी है। अगर आरोप लगे हैं, तो उसकी जांच कराने की पहल सुप्रीम कोर्ट ने की है, जो स्वागत योग्य है। हालांकि वह तथ्यों को लेकर व्यक्तिगत रूप से कुछ कहने से परहेज करते हैं। यह सही है कि एक गवाह जो अभियोजन पक्ष का था, वह तफ्तीश के दौरान एसआईटी को दिए बयानों से पलट गया था। लिहाजा उसे डिस्चार्ज करने की अर्जी उन्होंने अदालत में दी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर भी किया है।

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यह था मामला
तीन अक्तूबर 2021 को तिकुनिया में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे थे। उसी दौरान वहां हिंसा हो गई थी। इसमें चार किसानों व एक पत्रकार समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में किसान पक्ष की ओर से पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में क्रॉस केस भी दर्ज हुआ था, जिसमें किसान पक्ष के लोग आरोपी हैं। इन दोनों मुकदमों की सुनवाई एडीजे पंचम देवेंद्र नाथ सिंह की अदालत में चल रही है।

लखीमपुर खीरी हिंसा के गवाहों पर हमले का ब्योरा
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के गवाहों पर हमले की पहली शिकायत 11 मार्च 2022 को आई थी। जब शाम सवा आठ बजे तिकुनिया थाना क्षेत्र के ग्राम कोल्हौरी निवासी दिलजोत सिंह बेलरायां चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान डांगा गांव के पास मुख्य गवाह दिलजोत सिंह पर हमला किया गया था। हालांकि मुख्य गवाह की सुरक्षा के लिए कांस्टेबल मनोज का साथ में होना बताया गया था, लेकिन अकेला सुरक्षाकर्मी भी भीड़ से बचाने में बेबस नजर आया था। इसके बाद 10 अप्रैल 2022 को गवाह हरदीप सिंह पर हमले की घटना सामने आई थी। जब वह अपने घर जा रहे थे तभी रामपुर के बिलासपुर में हरदीप सिंह पर हमला हुआ था।

मामले में अहम गवाह और भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह ने बताया कि 30 मई 2022 को जब वह अपनी कार से वापस आ रहे थे, तभी दो बाइक सवार हमलावरों ने उन पर हमला बोला। हमलावरों ने पहले फायरिंग करते हुए कार के पहिया को निशाना बनाया और टायर पंक्चर किया। फिर तीन राउंउ फायरिंग की थी। कार पर गोली लगने के निशान भी उन्होंने पुलिस को दिखाए थे।

चौथी घटना 10 दिसंबर 2022 को उस समय हुई, जब मुख्य गवाह और पीड़ित प्रभजोत सिंह और उनके छोटे भाई सर्वजीत सिंह पर तलवार से हमला किया गया। प्रभजोत सिंह ने बताया कि वो अपने भाई सर्वजीत सिंह के साथ एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। तभी तीन लोगों ने पीछे से आकर सर्वजीत सिंह पर तलवार से हमला किया, जिससे सर्वजीत बुरी तरह घायल हुए थे।
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तिकुनिया हिंसा के क्रॉस केस में सुनवाई 29 जनवरी को
तिकुनिया हिंसा के क्रॉस में सोमवार को एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह की अदालत में गवाह से जिरह नहीं हो सकी है, जिसके चलते अदालत ने 29 जनवरी को साक्षी श्याम मोहन दीक्षित को बयान देने के लिए तलब किया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि तिकुनिया हिंसा के क्रॉस केस में अभियोजन की ओर से सोमवार को गवाह श्याम मोहन दीक्षित को पेश करना था। जिरह के लिए पत्रावली लगी हुई थी, लेकिन सोमवार को जिरह नहीं पूरी हो सकी। इसके लिए अदालत ने 29 जनवरी की तारीख मुकर्रर किया है।
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