फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: अफीम की आज से होगी तौल, देवचरा में कॉलेज को बनाया केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। जिले में इस वर्ष अफीम की पैदावार मौसम की बदमिजाजी से घटने का आसार था पर कई किसानों ने देखरेख करके फसल बचा ली है। सोमवार से मंडल भर के किसान अपनी उपज की तौल कराने बरेली पहुंचेंगे। बदायूं रोड स्थित देवचरा में बाबा रामदास कॉलेज के परिसर में पीछे की ओर इसका भंडारण केंद्र बनाया गया है।
विज्ञापन

प्रदेश में बाराबंकी के बाद बरेली में अफीम की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इस साल ठंड की विदाई के दिनों में ओलावृष्टि व बारिश की वजह से अफीम की फसल में कुछ जगह नुकसान हुआ था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, सरकार को पूरी फसल न दे पाने के आसार देखकर जिले के 563 अफीम काश्तकारों ने अपने खेतों में खड़ी फसल नष्ट करने का अनुरोध किया था। इससे अफीम की आवक कम होने का खतरा भांपकर अधिकारियों ने फसल का सर्वे शुरू करा दिया।

सर्वे पूरा, आसानी से पूरा हो जाएगा मानक
जिला अफीम अधिकारी महेश प्रसाद ने बताया कि जिले में छह सदस्यीय टीम का सर्वे लगभग पूरा हो चुका है, कई जगह फसल की स्थिति सही मिल रही है। प्रति एरी आठ किलो के हिसाब से अफीम लेने का मानक तय हुआ है। अधिकांश किसानों की फसल ऐसी है जो यह मानक आसानी से पूरा कर सकती है। मुश्किल से दो सौ किसानों की फसल नष्ट कराने की कवायद की जा सकती है। सोमवार से तौल शुरू हो जाएगी। मंडल भर में जो अफीम पैदावार हुई है वह बाबा रामदास कॉलेज परिसर में भंडारित कराई जाएगी। यहां से इसे गाजीपुर की फैक्टरी में भेजा जाएगा।
विज्ञापन



अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 से 12 लाख रुपये किलो है कीमत
अफीम को लोग नशे के कारक के रूप में जानते हैं पर इसका उपयोग व्यापक तरह से होता है। अफीम का इस्तेमाल कई तरह की दवाएं बनाने में किया जाता है। इसके अलावा मादक पदार्थ बनाने में भी प्रयोग होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अफीम की कीमत 10 से 12 लाख रुपये किलो तक हो जाती है। पैदावार प्रभावित होने से अफीम बाजार पर असर पड़ता है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें