पुलिस ने नए सिरे से शुरू की छानबीन, अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
बरेली/नवाबगंज। नवाबगंज की जिस मस्जिद के इमाम ने कुछ ही दिन पहले पुलिस को दिए लिखित बयान में निजामुद्दीन मरकज से लौटे तब्लीग के जमातियों के ठहरने से साफ इनकार किया था, रविवार को खुफिया विभाग से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो यह सच उगल दिया कि फरवरी में 15 जमाती मस्जिद में आकर कई दिनों तक ठहरे थे। पुलिस ने अब इमाम से सभी जमातियों की सूची मांगी है।
पता चला है कि दिल्ली के तब्लीगी जमात के निजामुद्दीन मरकज से लौटे 15 जमाती 22 फरवरी को नवाबगंज की मस्जिद में पहुंचे थे और उसके बाद कई दिनों तक इसी मस्जिद में ठहरे रहे थे। तीन मार्च को ये सभी जमाती नवाबगंज से मुरादाबाद चले गए थे। पुलिस और प्रशासन को इनके नवाबगंज में ठहरने और फिर मुरादाबाद चले जाने तक कोई भनक तक नहीं लगी। इनमें से 12 जमाती हल्द्वानी के थे। कुछ दिनों पहले ये जमाती मुरादाबाद से रामपुर चले आए। रामपुर से हल्द्वानी जाते हुए 12 जमातियों को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया था। रामपुर पुलिस ने इन जमातियों से पूछताछ की तो पता चला कि वे फरवरी में नवाबगंज की मस्जिद में ठहरे थे। रामपुर पुलिस से दो दिन पहले यह इनपुट मिलने के बाद बरेली के पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। मस्जिदों और मदरसों में एक बार फिर छानबीन की गई लेकिन जमातियों के वहां ठहरने की पुष्टि नहीं हो सकी।
रविवार को खुफिया रिपोर्ट पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंची जिसमें नवाबगंज की एक मस्जिद में तब्लीग के जमातियों के ठहरने का जिक्र था। नवाबगंज की सभी 29 मस्जिदों और चार मदरसों में पहले ही छानबीन करा चुके अफसर यह रिपोर्ट देखकर सकते में आ गए। दरअसल जिस मस्जिद में जमातियों के ठहरने की बात खुफिया रिपोर्ट में कही गई थी, उसका इमाम भी लिखित रूप से किसी भी जमाती के वहां आने से इनकार कर चुका था। रविवार को खुफिया रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इमाम से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने कबूल कर लिया कि तब्लीगियों के निजामुद्दीन मरकज से आए 15 जमाती कई दिन तक उसकी मस्जिद में ठहरे थे। पुलिस ने इमाम को सभी जमातियों के नाम-पतों और फोन नंबर की लिस्ट देने को कहा है। पुलिस के मुताबिक इमाम ने इसके लिए हामी भी भर दी है।
पांच जमाती निकले थे कोरोना पॉजिटिव, तीन का पता नहीं
रामपुर से हल्द्वानी जाने वाले 12 जमातियों को पुलिस ने पकड़ लिया था। इनकी जांच कराई गई तो इनमें से पांच जमाती कोरोना पॉजिटिव निकले। तीन जमातियों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। ये ट्रेस भी नहीं हो पाए हैं। पुलिस और प्रशासन के अफसर यह तो कह रहे हैं कि ये जमाती चूंकि फरवरी में ही दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से चले आए थे लिहाजा यह संभावना कम ही है कि नवाबगंज आने से पहले ही उनमें संक्रमण फैल चुका था। इसी आंकलन के आधार पर जमातियों के मुरादाबाद में संक्रमित होने की संभावना जताई जा रही है लेकिन अभी इस बात की पुष्टि होना बाकी है। अब तक लापता तीन जमाती भी पुलिस-प्रशासन के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं।
अफसरों ने भेज दी गलत रिपोर्ट, अब इमाम पर हो सकती है कार्रवाई
नवाबगंज में तब्लीग के जमातियों के ठहरने का मामला अमर उजाला में उछलने के बाद जिला प्रशासन ने स्थानीय अफसरों से नवाबगंज की मस्जिदों और मदरसों में छानबीन करके रिपोर्ट भेजने को कहा था। नवाबगंज के एसडीएम और सीओ ने वहां की सभी 29 मस्जिदों और चार मदरसों में अलग-अलग टीमों से जांच कराई थी। इस दौरान सभी मस्जिदों के इमामों ने लिखकर दे दिया था कि उनके यहां कोई जमाती नहीं आया। नवाबगंज के अफसरों ने यही रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी जो शासन तक चली गई। अब खुफिया विभाग की सूचना पर दोबारा हुई छानबीन में इमाम के सच कबूलने से अफसर भी सकते में हैं। नवाबगंज के सीओ योगेंद्र कुमार ने इस मामले में जानकारी छुपाने पर इमाम के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में अफसरों से दिशानिर्देश मांगे हैं। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने बताया कि इमाम पर कार्रवाई के बारेे में अधिकारियों से निर्देश मांगे जा रहे हैं।
इमाम समेत मस्जिद में ठहरे दूसरे लोगों की होगी जांच
तब्लीग के जमातियों के नवाबगंज की मस्जिद में ठहरने की पुष्टि के बाद यहां के इमाम के साथ उन सभी लोगों की जांच होगी जो जमातियों या फिर इमाम के संपर्क में आए थे। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने बताया कि नवाबगंज आने से पहले ही जमातियों के संक्रमित हो जाने की संभावना कम ही है लेकिन नई जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम से जांच कराएंगे कि किसी और शख्स को तो इस तरह की समस्या नहीं है।
तब्लीग के जमाती नवाबगंज की मस्जिद में फरवरी में ठहरने की जानकारी मिली है। गनीमत की बात है कि उस वक्त कोरोना का संक्रमण ज्यादा नहीं फैला था। हालांकि जब पूछा गया तो इमाम को सही स्थिति की जानकारी दे देनी चाहिए थी। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात