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Bareilly News: 20 साल की सुनवाई में सिर्फ तीन गवाह, गैंगस्टर के चार आरोपी दोषमुक्त

Sun, 19 Jul 2026 01:44 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट संतोष कुमार सिंह ने गैंगस्टर एक्ट में आरोपी बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव पदारथपुर निवासी शाहिद खां, यूनिस, मुरादाबाद के थाना सिविल लाइंस के चक्कर की मिलक बुल्ला शाह की ज्यारत निवासी सलीम और अशफाक को गैंगस्टर के आरोपों से बृहस्पतिवार को दोषमुक्त कर दिया है। इस मामले में पुलिस 20 साल में सिर्फ तीन गवाह ही पेश कर सकी। गैंग चार्ज के नाम पर चारों आरोपियों के खिलाफ बिथरी चैनपुर में एक ही मामला दर्ज होना दर्शाया गया।
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फतेहगंज पश्चिमी के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने 29 नवंबर 2005 को शाहिद खां, यूनिस, सलीम और अशफाक के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में विवेचना अशोक कुमार शर्मा ने की और गैंगचार्ट तैयार किया। गैंगचार्ट में चारों आरोपियों के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में एक मामला दर्ज होना दर्शाया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। गिरोहबंद अपराध के जरिये अर्जित आरोपियों की संपत्ति के संबंध में भी कोई साक्ष्य नहीं दिया गया। 20 साल चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन सिर्फ तीन गवाह पेश कर सका।

अदालत में पेश किए गए गैंग चार्ट पर थानाध्यक्ष, एसपी ग्रामीण और एसएसपी के हस्ताक्षर अलग-अलग तारीखों में थे और डीएम के हस्ताक्षर ही नहीं थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
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दो ने जुर्म स्वीकारा, दो की पत्रावली प्रथम, एक आरोपी दोषमुक्त



बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट संतोष कुमार यादव ने गैंगस्टर एक्ट में आरोपी कोतवाली क्षेत्र के बांस मंडी बाग अहमद अली का तालाब निवासी मुजाहिद उर्फ मज्जू को गैंगस्टर के आरोपों से बृहस्पतिवार को दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में बारादरी थाना क्षेत्र के कसाई टोला निवासी जाहिद उर्फ अईया और किला थाना क्षेत्र के हुसैन बाग निवासी वाहिद ने जुर्म स्वीकार कर लिया, जबकि कोतवाली क्षेत्र के बांस मंडी निवासी हसीब और बारादरी थाना क्षेत्र के बाग अहमद अली तालाब निवासी सलीम उर्फ गुड्डू की पत्रावली को प्रथक कर दिया गया।



बारादरी थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवराज सिंह ने 14 दिसंबर 2003 को जाहिद उर्फ अईया, हसीब, सलीम उर्फ गुड्डू, वाहिद और मुजाहिद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने छह गवाह पेश किए। विवेचक ने प्रति परीक्षा में कहा कि जांच के दौरान मुजाहिद उर्फ मज्जू की कोई भी चल या अचल संपत्ति उनकी जानकारी में नही आई। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी ने प्रति परीक्षा में बयान दिया कि मुकदमे में मुजाहिद मुलजिम नहीं था। स्वतंत्र गवाह ने बयान दिया कि वह अभियुक्त मुजाहिद को नहीं जानता है। उसने मुजाहिद का नाम पुलिस को नही बताया। वह कभी मुजाहिद से नहीं मिला। पहली बार उसे अदालत में देखा है। कोर्ट ने पाया कि मुजाहिद गैंगचार्ट में शामिल नहीं था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने उसे दोषमुक्त करार दिया है।
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वीडीओ को हर माह पत्नी-बच्चों को देना होगा आठ हजार रुपये गुजारा भत्ता
बरेली। बदायूं के इस्लामनगर ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी (वीडीओ) आस मोहम्मद को घरेलू हिंसा पीड़ित अपनी पत्नी जेबा शाहीन और नाबालिग बेटे अबु तुफैल व बेटी जायजा शाहीन को हर माह आठ हजार रुपये गुजारा भत्ता देना होगा। यह आदेश शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने जेबा शाहीन की अपील पर दिया है। अवर अदालत ने एक अगस्त 2023 को चार हजार रुपये गुजारा भत्ता का आदेश दिया था। जेबा ने इस आदेश को अपर सत्र अदालत में चुनौती दी थी।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र की बसंत विहार कॉलोनी निवासी जेबा शाहीन की शादी एक फरवरी 2016 को बदायूं के फैजगंज बेहटा निवासी आस मोहम्मद के साथ हुई थी। शादी के बाद ससुरालियों ने दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया। जेबा के पिता जाहिद अली ने पुलिस के सहयोग से 15 मई 2021 को पुलिस की सहायता से उसको ससुरालियों के चुंगल से बचाया। इसके बाद जेवा ने पति समेत अन्य ससुरालियों के खिलाफ घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत अदालत में अपील करते हुए गुजारा भत्ता की मांग की।
एक अगस्त 2023 को सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जेबा को प्रतिमाह एक हजार और बच्चों को तीन हजार रुपये गुजारा भत्ता का आदेश दिया। जेबा ने इस आदेश को अपर सत्र अदालत में चुनौती दी और कहा कि उसके पति की कुल मासिक आय एक लाख रुपये से कम नहीं है। उनको काफी कम गुजारा भत्ता का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने उसकी अपील को स्वीकार करते हुए जेबा को हर माह तीन और दोनों बच्चों को पांच हजार रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है।
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श्रीबांके बिहारी फूड प्रोडक्ट्स पर 12 हजार का जुर्माना
बदायूं। न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) अरुण कुमार की कोर्ट ने नमकीन कुरकुरे (पापा की परी), आंटी जलजीरा मसाला और पप्पू का लल्ला ब्रांड (कचरी) के नमूने मिथ्याछाप आने पर बरेली के श्रीबांके बिहारी फूड प्रोडक्ट्स पर जुर्माना लगाया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बरेली के परसाखेड़ा औद्योगिक आस्थान की श्री बांके बिहारी फूड प्रोडक्ट्स में निर्मित नमकीन कुरकुरे (पापा की परी) का नमूना लिया। खाद्य विश्लेषक लखनऊ की जांच में 15 जून-2022 को लिए नमूने में नमकीन (पापा की परी) को मिथ्याछाप घोषित किया गया। एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने मालिक के विरुद्ध 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह भी आदेश दिया कि श्री बांके बिहारी फूड प्रोडक्ट्स ने 30 दिन के अंदर जुर्माना जमा नहीं किया तो भू-राजस्व के बकाए की तरह वसूली की जाएगी। आदेश की कॉपी बरेली के सीबीगंज थानाध्यक्ष को भी भेजी गई है।
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