बरेली। विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिता में उस समय सन्नाटा पसर गया, जब पोल वॉल्ट के लिए खिलाड़ियों को माइक से आवाज दी जा रही थी। काफी देर आवाज लगाने के बाद मात्र एक खिलाड़ी पहुंचा। इससे कोच भी दुविधा में पड़ गए। फिर उसका ट्रायल लेकर उसे वापस घर भेज दिया गया। दरअसल, इस प्रतियोगिता के लिए मात्र तीन लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन खेलने मात्र एक ही पहुंचा।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इन दिनों 48वीं अंतर महाविद्यालयीय एथलेटिक्स मीट का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को पोल वॉल्ट प्रतियोगिता होनी थी। माइक से आवाज सुनकर मॉडल पब्लिक एजुकेशन महाविद्यालय चंदौसी का छात्र कुंदन ही मौके पर पहुंचा। काफी देर आवाज लगाने के बाद भी दूसरा एथलीट नहीं पहुंचा तो कुंदन का ही ट्रायल करवा दिया गया। निराश होकर कुंदन वापस घर चला गया और प्रतियोगिता रद्द करवा दी गई। खेल के लिए लगाए गए उपकरणों को हटाया गया। इसके बाद अन्य मुकाबले कराए जा सके। दरअसल पोल वॉल्ट ऐसा खेल होता है, जिसमें एथलीट (जिसे पोल वॉल्टर कहा जाता है) एक लंबे, लचीले पोल का इस्तेमाल करता है। इसमें रनवे पर दौड़ता हुआ पोल वॉल्टर पोल के माध्यम से हवा में उछलता हुआ ऊंची बाधा को पार करता है।
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पोल वॉल्ट प्रतियोगिता में एक खिलाड़ी आया था। उसका ट्रायल लिया गया। विश्वविद्यालय स्तर के मानक अनुसार प्रदर्शन नहीं करने पर उसे वापस भेज दिया गया। - डॉ. आलोक श्रीवास्तव, क्रीड़ा सचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय