राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने मूल्यांकन के नियमों में बदलाव करते हुए कॉलेजों को कुछ राहत दी है तो शिकंजा भी कसा है। नैक मूल्यांकन सभी कॉलेजों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही अब वही कॉलेज मूल्यांकन के लिए आवेदन कर पाएंगे, जिनकी वेबसाइट होगी।
राहत यह दी गई है कि सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) स्वीकार होने के बाद ही अब कॉलेज आवेदन फीस जमा करेंगे जबकि पहले एसएसआर के साथ ही फीस जमा करनी होती थी। कई बार रिपोर्ट अस्वीकार होने पर फीस का पैसा भी कॉलेज को वापस नहीं मिल पाता था। पहले यह एसएसआर नैक की वेबसाइट पर अपलोड करनी होती पर अब कॉलेज अपनी वेबसाइट पर ही रिपोर्ट अपलोड करेेंगे। वहीं, दिक्कत यह है कि तमाम कॉलेजों की वेबसाइट ही नहीं है। इस रिपोर्ट में कॉलेज की संपूर्ण जानकारी, आधारभूत सुविधाएं, कोर्स, फीस, छात्र और शिक्षकों का ब्योरा देना होता है। एसएसआर स्वीकार होने के बाद कॉलेजों को एलओआई जमा करनी होगी। उसके बाद टीम मूल्यांकन के लिए आएगी। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. आरपी यादव ने बताया कि बदले नियम इसी साल से लागू होंगे। नये नियमों के तहत मूल्यांकन प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो जाएगी।
नैक आवेदन की फीस भी बढ़ी
नैक आवेदन के लिए अब तक करीब तीन हजार रुपये फीस चुकानी पड़ती थी पर अब इसमें काफी बढ़ोतरी हो गई है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. आरपी यादव के अनुसार, आवेदन फीस करीब तीस हजार रुपये हो गई है। एसएसआर स्वीकार होने के बाद यह फीस जमा करनी होगी। टीम का खर्च कॉलेज को उठाना पड़ता है, हालांकि 12बी कैटेगरी वाले संस्थानों को यह पैसा वापस मिल जाता है।
तीन अक्तूबर को होगी बैठक
नैक मूल्यांकन को लेकर बरेली और मुरादाबाद मंडल के कॉलेजों की बैठक तीन अक्तूबर को केजीके कॉलेज मुरादाबाद में होगी। इसमें राजकीय और अनुदानित कॉलेजों के कोऑर्डिनेटर शामिल होंगे। कुछ सेल्फ फाइनेंस कॉलेज भी शामिल होंगे।