कुछ साल और लगेंगे और उसके बाद मंडल की रेल पटरियों पर सिर्फ इलेक्ट्रिक इंजन ही दौड़ेंगे। मंडल के तकरीबन सभी रेल मार्ग पर विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है। बरेली-बालामऊ-उन्नाव रेल मार्ग पर काफी काम निपट भी चुका है।
भविष्य में डीजल इंजन की जगह विद्युत इंजनों को ट्रैक पर चलाने की योजना है। रेलवे बोर्ड से भी इस संबंध में पत्र जारी हो चुका है। मुरादाबाद रेल मंडल को पूरी तरह से विद्युतीकृत करने की योजना है। बरेली-मुरादाबाद पर काम पूरा हो चुका है, जबकि राजा का सहसपुर और संभल के बीच विद्युतीकरण का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मुरादाबाद-चंदौसी-अलीगढ़ मार्ग का सर्वे भी पूरा हो चुका है।
ये ट्रैक पूरी तरह विद्युतीकृत
सहारनपुर से लखनऊ तक, रोजा से सीतापुर तक, मुरादाबाद से दिल्ली तक, देहरादून से लक्सर तक
यहां विद्युतीकरण स्वीकृत
मुरादाबाद से चंदौसी, बरेली-बालामऊ-उन्नाव, गजरौला-बिजनौर-मौज्जमपुर, ऋ षिकेश रेल मार्ग, अलीगढ़-चंदौसी
वर्जन
राजा का सहसपुर से संभल के बीच विद्युतीकरण का प्रस्ताव गया है। बाकी रेल खंडों पर काम पूरा हो चुका है। - संजीव मिश्रा, एडीआरएम, उत्तर रेलवे