लॉकडाउन के बाद पहली बार चली आला हजरत फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस में केवल 27 यात्रियों ने ही सफर किया, जबकि कुल 43 यात्रियों ने रिजर्वेशन कराया था। ट्रेन में जयपुर, अहमदाबाद आदि स्टेशनों के ही यात्री थे। यात्रियों की कम संख्या के पीछे कारण ट्रेन का बढ़ा किराया माना जा रहा है।
रविवार सुबह 6.35 बजे आला हजरत एक्सप्रेस भुज (04321) के लिए रवाना हुई। सवा छह बजे तक केवल बीस ही यात्री ट्रेन पर पहुंचे थे। ट्रेन चलने के कुछ मिनट पहले सात यात्री और पहुंचे। इसके बाद ट्रेन 27 यात्रियों को लेकर चलने लगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस ट्रेन से 43 यात्रियों ने ही रिजर्वेशन कराया था, जिसमें 16 यात्री नहीं आए। जो यात्री ट्रेन में गए उनमें ज्यादातर जयपुर, अहमदाबाद आदि स्टेशनों के थे।
लॉकडाउन से पहले आला हजरत एक्सप्रेस की बात करें तो बरेली से दिल्ली स्लीपर श्रेणी का किराया मात्र 180 रुपये हुआ करता था, जिसे बढ़़ाकर अब 385 कर दिया गया है। लगभग सवा सौ गुना बढ़े किराए के कारण ही यात्रियों ने दूसरी ट्रेन से ही दिल्ली जाना ठीक समझा। यही वजह रही कि रविवार को रवाना हुई ट्रेन में दिल्ली जाने वाला कोई यात्री नहीं था।
आला हजरत से पहले दिल्ली के लिए सत्याग्रह एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस आदि ट्रेनें हैं। इसके अलावा दिल्ली से भी जयपुर और अहमदाबाद जाने नई दिल्ली-अहमदाबाद एक्सप्रेस, दिल्ली-बीकानेर एक्सप्रेस, राजस्थान संपर्क क्रांति और दिल्ली कैंट-जयपुर कोविड स्पेशल ट्रेनें हैं, जिनका किराया लॉकडाउन से पहले का ही है।
ऐसे में यात्री दिल्ली जाकर इन ट्रेनों से जयपुर और अहमदाबाद जाते हैं। दूसरी ओर भुज से बरेली के लिए आला हजरत ट्रेन वापस नहीं आई। सूत्रों का कहना है कि आला हजरत एक्सप्रेस के दो रैक जंक्शन यार्ड में ही खड़े हैं, जिसमें एक रैक रविवार को भुज के लिए रवाना हो गया। भुज से आला हजरत एक्सप्रेस 27 अक्टूबर को जंक्शन आएगी।