ऐसे करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक लैपटॉप की जांच में सेलोशिप का डैशबोर्ड खुला मिला। इसमें कुल 373 शिपमेंट्स, 91 डिलीवरी और 90 रिटर्न टू ओरिजिन (आरटीओ) दर्ज थे। आरोपी आरके इंटरप्राइजेज, डायबोटा केयर, आयुर लाइफ और हमदम फॉरएवर इंडिया के नाम का इस्तेमाल करते थे। वे दिल्लीवरी, शैडोफैक्स, एक्सप्रेसबीज और ब्लू डार्ट जैसी कूरियर कंपनियों के माध्यम से ग्राहकों को 1000 से 1450 रुपये के कैश ऑन डिलीवरी पार्सल भेजते थे। वेबसाइट पर डायबोट डायबिटिक पाउडर की कीमत 1199 रुपये प्रदर्शित हो रही थी।
एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि पुलिस ने फर्जी आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह की गतिविधियों व रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। इन्होंने कहां-कहां दवाएं बेची हैं, इसका भी पता लगाया जाएगा।