देश में प्याज का अधिक उत्पादन होने से आई गिरावट, थोक मंडी में आठ रुपये किलो बिक रहा
बरेली। अधिक उत्पादन होने से प्याज की कीमत औंधे मुंह गिर गई है। बांग्लादेश, मलयेशिया, श्रीलंका सहित कई देशों को प्याज का निर्यात कम या बंद होने को भी इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। सोमवार को डेलापीर थोक मंडी में प्याज का भाव 8 रुपये प्रतिकिलो रहा। फुटकर मंडियों में प्याज 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। जिन कारोबारियों ने पहले से प्याज लेकर रखा है, उन्हें अब नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, दाम गिरने से आम लोगों को राहत मिली है।
महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक है। मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी प्याज की पैदावार होती है। कारोबारी बताते हैं कि शहर की डेलापीर मंडी में रोज लगभग 1100 क्विंटल प्याज की बिक्री होती है। यहां से शहर व देहात की अन्य मंडियों में माल भेजा जाता है।
हरी मिर्च समेत अन्य सब्जियों के बढ़े दाम
कारोबारी बताते हैं कि सहालग के सीजन में मांग बढ़ने से सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं, लेकिन इस बार कुछ सब्जियों को छोड़ दें तो अधिकतर के दामों में कमी आई है। इस समय गोभी, हरी मिर्च, बैंगन, टमाटर के दाम में वृद्धि हुई है। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से 12 रुपये किलो बिकने वाली गाेभी अब 20 रुपये प्रति किलो, हरी मिर्च 20 की जगह 40 रुपये प्रति किलो, 15 रुपये बिकने वाला टमाटर 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। संवाद
अन्य सब्जियों के दाम
सब्जी अब पहले
आलू 15 35
मटर 60 80
बैंगन 25 10
हरा धनिया 50 80
(नोट : सभी दाम रुपये प्रति किलो में डेलापीर थोक मंडी के अनुसार)
झेल रहे नुकसान
प्याज के दाम में अचानक कमी आई है। इससे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। - सलीम खान, आढ़ती, डेलापीर मंडी
निर्यात कम होने से प्याज के दाम में गिरावट आई है। कई अन्य सब्जियों के दाम बढ़े हैं। - सुजाउर रहमान, आढ़ती, डेलापीर मंडी