बरेली में शहरवासियों को बंदरों के उत्पात से जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए फर्म तय कर कार्यादेश जारी कर दिया। यह फर्म शिकायतों के आधार पर नगर निगम क्षेत्र में बंदरों का पकड़ेगी।
बरेली में लंबी कवायद के बाद आखिरकार नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए फर्म तय कर सोमवार को कार्यादेश जारी कर दिया। मथुरा के पैगांब रोड छाता निवासी जाविद कॉन्ट्रैक्टर को एक हजार बंदरों को पकड़कर पीलीभीत व शाहजहांपुर के वन क्षेत्रों में छोड़ने का कार्य सौंपा है। इसके लिए 825 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। इसमें जीएसटी भी शामिल है।
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पांच अक्तूबर को जारी कार्यादेश में ठेकेदार को तीन दिनों में टीम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बंदरों को पकड़ने का काम नगर निगम क्षेत्र से प्राप्त शिकायतों के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए एक टीम शिकायतों का निस्तारण व रोस्टर तैयार करेगी, जबकि दूसरी रोस्टर के अनुसार बंदरों को पकड़ेगी।
जीपीएस फोटो अनिवार्य
नगर निगम ने बंदरों को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए जीपीएस फोटो अनिवार्य की है। बंदर पकड़ते व वन क्षेत्र में छोड़ते समय जियो एप के माध्यम से जीपीएस फोटो खींचकर बिल के साथ लगाना होगा। इसके आधार पर ही भुगतान होगा। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। कुल 10 हजार बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर हुआ है, अभी एक हजार का वर्क ऑर्डर दिया गया है।