राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में 11 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इसमें 1.10 लाख महिलाएं सदस्य हैं। गांव स्तर पर प्रशिक्षण देकर इन्हीं महिलाओं की आमदनी बढ़ाई जानी है।
अंतरिम बजट से महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं बरेली जिले की एक लाख से अधिक महिलाओं को अब लखपति बनने की उम्मीद बंध गई है। समूहों की जो महिलाएं साल में एक लाख रुपये अधिक कमा रही हैं, वही अब दूसरी महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में आने के लिए प्रेरित करेंगी। प्रशिक्षण देने के लिए 15 विकास खंडों की 277 महिलाओं को प्रेरक बनाया जाएगा।
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राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में 11 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इसमें 1.10 लाख महिलाएं सदस्य हैं। गांव स्तर पर प्रशिक्षण देकर इन्हीं महिलाओं की आमदनी बढ़ाई जानी है। जब उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक पहुंच जाएगी तो वे लखपति दीदी कही जाएंगी।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के उपायुक्त हसीब अंसारी ने बताया कि जिला ग्राम्य विकास संस्थान भोजीपुरा में चार फरवरी से महिलाओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं, दूसरी महिलाओं को आमदनी बढ़ाने के तरीके सिखाएंगी। प्रयास यही है कि समूह से जुड़ीं महिलाएं साल में कम से कम एक लाख रुपये कमाएं।