सोमवार सुबह करीब पांच बजे अचानक मौसम खराब हो गया। तेज बारिश के साथ 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी ने फरीदपुर की एक महिला की जान ले ली दर्जनों पेड़ जड़ से उखड़ गए। बिजली सप्लाई नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया। शहर के किसी भी इलाके में पूरे दिन बिजली और पानी नहीं मिला। पेड़, पौधे, होर्डिंग भरभराकर गिर पड़े। जिले में 300 से ज्यादा बिजली खंभे धराशायी और करीब एक दर्जन से ज्यादा ट्रांसफार्मर खराब हो गए। तेज हवा की चपेट में पुलिस बूथ, खोखे, यात्री शेड तक आ गए। करीब पौन घंटे तक आंधी और बारिश की वजह से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। हालांकि मौसम से तापमान नीचे आया है और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार मौसम अभी ऐसा ही बना रहेगा। एक हफ्ते तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे ही रहेगा।
दीवार गिरने से महिला की मौत
फरीदपुर स्थित करपिया गांव में कच्चे घर की दीवार गिर गई। घर में बैठे 60 वर्षीय विद्यादेवी और उसका बेटा रमेश घायल हो गए। दोनों को सीएचसी ले जाया गया जहां विद्यादेवी की मौत हो गई। हादसा सोमवार सुबह साढ़े छह बजे उस समय हुआ जब तेज हवा चली थी। घर वालों ने किसी तरह दोनों को मलबे से बाहर निकाला। रमेश का इलाज चल रहा है। दोपहर बाद तहसीलदार और लेखपाल भी गांव पहुंचे और परिवार वालों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया।
- इंडस्ट्रियल एरिया में सप्लाई गुल
भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में पांच खंभे गिरने से सप्लाई ठप हो गई है। इसी इलाके में मंगलवार शाम तक सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है। परसाखेड़ा, सीबीगंज आदि औद्योगिक इलाके प्रभावित रहे। बिजली विभाग देर रात तक शहर में व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा रहा। इसके बावजूद बीडीए कालोनी समेत दर्जनाें स्थानों पर रात भर बिजली नहीं मिली।
- नुकसान का लिया जायजा, प्राइवेट कर्मी लगाए
मौसम से धराशायी हुए नेटवर्क सही करने के लिए चीफ इंजीनियर आरके अग्रवाल, एसई मनोज पाठक, नंदलाल आदि ने शहर का भ्रमण कर नुकसान का आकलन किया। चीफ इंजीनियर ने तेजी से काम करने के लिए प्राइवेट कर्मचारी लगाए हैं।
- इलाके के लोग परेशान, पानी के लिए तरसे
सुभाषनगर, सिविल लाइंस, ब्रज लोक कालोनी, बड़ा डाकखाना, सैनिक कालोनी, रामपुरबाग, पुराना शहर, सन सिटी विस्तार, राजेंद्रनगर, किला, साहूकारा, गंगापुर, मॉडल टाउन, डीडी पुरम, तिरुपति विहार, हरुनगला व अन्य इलाकों में सुबह से शाम तक पीने का पानी नहीं मिला। नगर निगम ने कुछ नलकूपों पर जेनरेटर जरूर लगवाएं हैं, लेकिन सोमवार में एक भी नहीं चला। इससे लोग बूंद- बूंद पानी के लिए तरसते रहे।
- 200 किलोमीटर स्पीड तक चली हवा
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार सुबह दो सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तक हवा चली। इससे सैकड़ों पेड़ धराशायी हुए हैं। हालांकि इसके चलते गर्मी से राहत मिली है। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री गिरकर 38.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचकर सामान्य हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक एक हफ्ते तक पश्चिमी उप्र में ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मंगलवार को फिर बारिश की संभावना जताई गई है।
- खड़ी हो गईं ट्रेन और बसें
सुबह तेज हवाआें के चलते रेल और बस सेवा भी प्रभावित हुई। कुछ स्थानाें पर ट्रेन और बसें रोक दी गई। सड़क यातायात ज्यादा प्रभावित रहा। बरेली बदायूं मार्ग पर गिरे पेड़ तेजी से हटाए गए। जबकि पूरे शहर में दिन भर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।
ये इलाके रहे प्रभावित
शहर और आसपास स्थानों पर पचास से ज्यादा खंभे गिरने और एचटी लाइनें धराशायी होने से देर रात तक सप्लाई व्यवस्था अस्त व्यस्त रही। सिविल लाइंस, संजयनगर, कोहाड़ापीर, डीडीपुरम , बृजलोक कालोनी, कैंट, किला, प्रभातनगर, सुभाषनगर, इज्जतनगर, पीलीभीत बाईपास, राजेंद्रनगर, सनसिटी, सैनिक कालोनी, टीपी नगर, पुराना शहर, बड़ा डाकखाना, जंक्शन मार्ग, डीडी व आकाशवाणी केंद्र आदि स्थानाें पर बिजली नहीं आई। कई इलाकाें में मंगलवार शाम तक सप्लाई मिलने की संभावना है। ग्रामीण इलाकों की स्थिति ज्यादा दयनीय बनी हुई है। तिरुपति विहार में मधु वाला के घर पर पेड़ गिरने से मकान का कमरा गिर गया। इसके अलावा कई स्थानों पर मकान, छप्पर, सीमेंट और टिन की चादरें उड़ गई।
इंवर्टर बैठे, चार्ज नहीं हुए मोबाइल
सुबह से शाम तक बिजली गुल होने से इंवर्टर बैठ गए। लोग अपना मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं कर पाए। जो लोग बैटरी चालित वाहन आदि इस्तेमाल करते हैं उनको कुछ ज्यादा ही कष्ट उठाना पड़ा। स्कू टी आदि चार्ज न होने से तमाम लोेग बेहाल रहे।
कुसुम नगर में 72 से बिजली नहीं
ग्रीन पार्क के पास कुसुमनगर कालोनी में शुक्रवार रात से बिजली सप्लाई गुल है। स्थानीय निवासी रूद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कालोनी में करीब तीन दर्जन आवास हैं। पिछले 72 घंटाें से बिजली न आने से लोग परेशान हैं। इससे पानी सप्लाई भी प्रभावित है।
कैंट में दस पेड गिरे, नीलामी आज
भोर में आई तेज आंधी से कैंट इलाके में दस पेड़ गिर गए हैं। जिसे काट कर फिलहाल सड़क के किनारे कर दिया गया है। अभियंता आरके महेश्वरी ने बताया कि मंगलवार को पेड़ो की नीलामी होगी।
सनसिटी विस्तार में पानी को तरसे लोग
सन सिटी विस्तार कालोनी निवासी इन दिनों पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। क्योंकि जल निगम ने अभी तक मुंशी नगर लाइन से इस कालोनी को नहीं जोड़ा है। बताया जाता है कि नगर निगम और जल निगम में तालमेल नहीं होने से पेयजल संकट बना हुआ है। उधर, आज रही कसर ने हवा पानी ने पूरी कर दी।
लिंटर और छज्जे ढहे
मीरगंज में बाबूराम और उनकी पत्नी चमेली मलबे में दबकर घायल हो गए। सराय खाम में उमर के मकान का छज्जा और सीमेंट की चादर गिरने से घरेलू सामान टूट गया। दियोरिया अब्दुल्लागंज के चेतराम के ऊपर यूकेलिप्टस का भारी पेड़ आ गिरा। टोल प्लाजा से आगे लगा बरेली का स्वागत द्वार आंधी में उड़ गया। कंचनपुरी मोहल्ले में लिंटर के आगे पड़ी खपरैल ढहने से अलाउद्दीन, उसका 16 साल का बेटा सफरुद्दीन मलबे में दब गए। लोगों ने किसी तरह बचाया।
खाद बर्बाद
शेरगढ़ में साधन सहकारी समिति बसुधरन जागीर में पानी घुस गया। इससे हजारों रुपये कीमत की खाद बर्बाद हो गई। आंवला में खैलम गांव, फतेहगंज पश्चिमी के कैथोला बेनीराम, लोधीनगर चौराहे में भी तेज हवा से नुकसान हुआ।
सोमवार सुबह कैंट के गांव दुबारी में 16 वर्षीय पूरनलाल सुबह छह बजे शौच को गया, जहां उस पर एक आम का पेड़ गिर गया। युवक दो घंटे तक पेड़ से दबा रहा, जब आंधी पानी रुका तब गांव के कुछ बच्चे जमीन पर गिरी लड़की बीनने के लिए जंगल में गए। इस दौरान बच्चों ने पूरनलाल को मृत हालत में पेड़ के नीचे दबा पाया । पूरनलाल अपनी मां पूरनदेवी और पिता पोशाकी लाल के चार बच्चों में सबसे बड़ा बेटा था।
आंधी और बारिश से सीएम का मंच उखड़ा
तेज आंधी और बारिश से मुख्यमंत्री के लिए बनाया गया मंच उखड़ गया। सीएम के स्वागत में लगाए गए झंडे पोस्टर, होर्डिंग और बैनर भी तहस नहस हो गए। हालांकि बाद में आनन-फानन में मंच दोबारा तैयार किया गया।
सोमवार सुबह 5.30 बजे के बाद तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। देखते ही देखते ये हवा आंधी में तब्दील हो गई। इससे बदायूं रोड और कैंट इलाके में बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए। आंधी और बारिश में मुख्यमंत्री का मंच और बेरीकेडिंग भी उखड़ गया। टेंट उखड़कर दूर जा गिरा। खराब मौसम ने प्रशासन और पुलिस को चिंता में डाल दिया। बिजली के अफसर फाल्ट ठीक करने के लिए भागमभाग करने लगे। हालांकि बारिश और हवा के थमते ही आला अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए मंच को दोबारा तैयार करा दिया।