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मेरठ-गाजियाबाद में एक करोड़ मिल रहे हैं... यहां दिखा रहे सिर्फ दस लाख

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रुपये - फोटो : pixabay
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में नोटों का खेल, वायरल वीडियो में वोट की ज्यादा कीमत वसूल करने की जोड़तोड़ करते दिखे कई सदस्य
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सपा, बसपा, निर्दलीय सदस्य और भाजपा सदस्य का जेठ आपस में कर रहे हैं बातचीत

बरेली। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में नोटों का खेल शुरू होने के साथ ही सदस्यों ने अपने वोट की कीमत लगानी शुरू कर दी है। सोमवार को ऐसे ही कुछ वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक दलों में भारी हलचल मच गई। वीडियो में सपा, भाजपा, बसपा के साथ कुछ निर्दलीय सदस्य इस बात पर एतराज जताते नजर आ रहे हैं कि मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहरों में सदस्यों को एक-एक करोड़ तक मिल रहा है लेकिन बरेली में उन्हें सिर्फ दस लाख दिखाए जा रहे हैं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए चल रही जोड़तोड़ के बीच सोमवार को तीन वीडियो वायरल हुए। पहला वीडियो पांच मिनट 19 सेकेंड का है जिसमें चार लोग सोफे पर बैठे हैं और एक उनके पीछे खड़ा है। इनमें से एक भाजपा के समर्थन से जीती एक महिला सदस्य के जेठ के साथ सपा, बसपा और एक अन्य पार्टी का एक-एक सदस्य और पांचवां निर्दलीय सदस्य बताया जा रहा है। भाजपा की महिला सदस्य के जेठ ने बात की शुरुआत उत्तराखंड की मिसाल देते हुए की। कहा, पिछली बार उत्तराखंड में 35-35 लाख रुपये में छूटे थे। इसी बीच पीछे से से दूसरे सदस्य ने कहा कि मुरादाबाद में 40 लाख से शुरुआत हुई है, अभी और बढ़ रहे हैं। बसपा के सदस्य ने बताया कि मथुरा में एक से डेढ़ करोड़ का रेट चल रहा है। इसके बाद मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहरों में एक-एक करोड़ का रेट चलने का उदाहरण दिया गया। कहा गया कि सदस्यों को 50 लाख रुपये कैश और फॉर्च्यूनर गाड़ी दी जा रही है। बरेली में तो बुरा हाल है। सदस्यों के बीच बात होती है कि सभी इकट्ठे रहो। जिससे करो, फाइनल बात करो।

... ताकि इज्जत भी बची रहे और माल भी मिल जाए

सपा का सदस्य वीडियो में भाजपा सदस्य के जेठ से कहता कि जैसे हम समाजवादी पार्टी के सदस्य हैं। आप उनसे बात करो कि अगर आपका प्रत्याशी मजबूत है तो भैया इतने-इतने रुपये दे दो। मेरे कहने का मतलब है कि अपनी इज्जत भी बची रहे और माल भी मिल जाए। फिर वह निर्दलीय सदस्य से मुखातिब होकर कहता है कि भाई हमारी तो पार्टी है लेकिन आप लोग फ्री हो। हम पार्टी से जुड़े हैं, बिकें तो पहले पार्टी वाले से बात कर लें। इसी बीच कोई कहता है कि आप सही कह रहे हो, भैया। आपकी बात भी है.. बात कर लो कि हमें इतना चाहिए, इतने लोग हमारे पास हैं। भाजपा सदस्य का जेठ कहता है, उनसे कहना यस करो या नो, हमारे पास पार्टी आ रही है। हम मुश्किल से पीछा छुड़ाकर आए हैं। सपा सदस्य ने एक व्यक्ति को संबोधित करके पूछा हाजी जी कितने पैसे उठे। जवाब मिला दस लाख, दूसरे ने कहा कि दस लाख ही मेरे उठे। तीसरा बोला मेरे 12 लाख उठ गए। एक ने कहा मेरी दुकान का सामान भी चुनाव में खप गया। दूसरा बोला, हमारे खाते में कोई रुपया ही नहीं बचा।

पार्टी वालों को क्या दोगे, दूसरों को क्या मिलेगा

भाजपा सदस्य का जेठ सपा के सदस्य से कहता है कि आप अपनी बात रखिए कि देखो भाई 23 की गिनती तो गिनी हुई है। हम जो औरों से बात करेंगे, उन्हें क्या दोगे। सपा का सदस्य कहता है कि हमने ठेकेदार से कहा कि देखो भाई सुस्त बैठे हो, काम खराब हो जाएगा। सेंधमारी होने लगी है, बिक्री शुरू हो गई है। यह कहकर हम चले आए। भाजपा वाला कहता है कि तेजप्रकाश जी हमारे यहां आए, तेजपाल भी आए। बोले- देखो भाई साहब मेंबर तो 31-32 हो गए, हम सोच रहे हैं कि तुम लोगों को भी साथ ले लें। बस अपना प्रमाणपत्र दे दो, जो चलेगा वो मिल जाएगा।
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नोट : अमर उजाला वीडियो की सत्यता को प्रमाणित नहीं करता है।
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