मौलाना ने कहा कि वर्शिप एक्ट को नजरअंदाज कर कानून का मजाक बना दिया गया है। मुल्क में नफरत के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा। नफरती एजेंटों की वजह से मुसलमान इत्तेहाद के साथ खड़ा है। दूसरे मजहब को मानने वाले हमारे हमवतन भाई भी इस लड़ाई में बराबर के शरीक हैं। यही हमारे वतन की खूबसूरती है। आने वाले वक्त में हम नफरत मिटाकर फिर से देश में अमन का माहौल बनाने में कामयाब होंगे। आईएमसी मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी ने कहा कि अजमेर दरगाह पर कोर्ट में याचिका दायर करने से दुनियाभर के मुसलमानों में गुस्सा और बेचैनी है।