उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्थानीय निकाय से सदस्य यानी एमएलसी चुनाव में नए क्षेत्र पंचायत सदस्य वोट नहीं डाल पाएंगे। यह मौका पुराने बीडीसी सदस्यों को ही मिलेगा। पूर्व होने के बावजूद वह प्रत्याशियों से ‘गिफ्ट वाउचर’ पा जाएंगे। निर्वाचन आयोग एमएलसी चुनाव के लिए जो वोटर लिस्ट तैयार करा रहा है, उसमें जिले के पुराने बीडीसी सदस्यों को ही वोटर बनाया गया है। जिले में पुराने बीडीसी सदस्यों की संख्या 1216 है। जबकि इस बार पंचायत चुनाव के लिए हुए पुनर्गठन में नए सदस्यों की संख्या 1467 हो गई है।
नए बीडीसी सदस्यों को इसलिए एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है क्योंकि पुरानी क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल मार्च में पूरा हो रहा है और स्थानीय निकाय के एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया उससे पहले फरवरी में शुरू हो जाएगी। पुराने बीडीसी सदस्यों में से लगभग 80 फीसदी इस बार या तो चुनाव नहीं लड़े और जो लड़े भी वो जीत नहीं सके, सिर्फ 20 फीसदी ही दुबारा जीत सके हैं, इसलिए नए सदस्यों में से सिर्फ यही एमएलसी चुन सकेंगे, बाकी नहीं। वहीं, ग्राम पंचायत सदस्यों को एमएलसी चुनाव में वोट डालने का अधिकार नहीं रहेगा। हालांकि वह भी मतदान प्रक्रिया से ही चुनकर आते हैं। जिला पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान भी इस चुनाव में वोट डाल सकेंगे। आयोग जल्द ही इस चुनाव की अधिसूचना जारी कर देगा। बरेली-रामपुर स्थानीय निकाय की एमएलसी सीट बसपा के कब्जे में है। केसर सिंह गंगवार यहां से एमएलसी हैं लेकिन इस पर कब्जा करने के लिए सपा ने अंदरखाने रणनीति बनाई है। हालांकि अभी तक सपा का प्रत्याशी घोषित नहीं हो सका है। दावेदार कई हैं। भाजपा, बसपा और कांग्रेस ने भी पत्ते नहीं खोले हैं।