बरेली। जिला जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से बिना पर्ची मुलाकात कराने वाले जेल अफसरों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। वहीं, अशरफ की जेल भी बदली जा सकती है। पूरे मामले में विभागीय जांच के आदेश हो गए हैं। डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया कि बरेली के कार्यवाहक डीआईजी जेल आरएन पांडेय से इस प्रकरण की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। माना जा रहा है कि अशरफ को वीआईपी ट्रीटमेंट देने वाले अफसर भी नपेंगे और अशरफ की जेल भी बदली जा सकती है।
उमेशपाल हत्याकांड में नामजद हुए माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की मदद करने के आरोप में मंगलवार को जिला जेल में तैनात आरक्षी शिवहरि अवस्थी और जेल में सब्जी की सप्लाई करने वाले नन्हे उर्फ दयाराम को एसओजी और सर्विलांस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरक्षी शिवहरि, नन्हे उर्फ दयाराम समेत अशरफ के साले सद्दाम उर्फ अब्दुल समद और उसके साथी लल्ला गद्दी के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। सिपाही शिवहरि पर आरोप है कि वह बिना पर्ची के अशरफ की मुलाकात उसके गुर्गों से अलग करवाता था और उसके गुर्गों से रुपये लेकर अशरफ तक पहुंचाता था। वहीं नन्हे पर आरोप है कि वह खाने-पीने की चीजें अशरफ तक पहुंचाता था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जेल प्रशासन की सत्यनिष्ठा पर सवाल लग गया है। दरअसल जेल परिसर में बंदियों तक पहुंचने के लिए तीन गेट पार करने पड़ते हैं जिन पर हमेशा जेल के सिपाही तैनात रहते हैं। जेल में दो स्कैन मशीन भी लगी हैं जिनसे स्कैन होने के बाद ही बंदियों से मुलाकात की जा सकती है। वहीं जेल परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इतनी सुरक्षा के बाद अशरफ की सहायता बिना जेल अधिकारियों की मिलीभगत से नहीं हो सकती है।