बरेली मंडल में गांव-गांव को रोशन करने के लिए राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का ज्यादातर पैसा अफसरों की जेब में चला गया। बरेली और बदायूं के 1025 गांवों में सन् 2007 में बेहद घटिया सामग्री लगाकर आधा-अधूरा विद्युतीकरण तो कर दिया गया, लेकिन ज्यादातर गांव अब तक अंधेरे में डूबे हुए हैं। इस मामले में शिकायत होने के बाद शासन ने विजिलेंस जांच का आदेश दिया है। बरेली के 478 और बदायूं के 547 गांवोें में हुआ विद्युतीकरण जांच के घेरे में है। प्रदेश स्तर पर पहले से ही जांच चल रही है। मंगलवार को विजिलेंस के जांच अधिकारी ने संबंधित विभाग और तत्कालीन अधिकारियों को पत्र लिखकर संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।
केंद्र सरकार से पोषित राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत 2007 में बरेली और बदायूं के 1025 गांवों का विद्युतीकरण के लिए चयन हुआ था। बरेली जिले के चयनित गांवों के लिए 38.25 करोड़ की लागत की प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनी थी। इनके अतिरिक्त चार नए 33/11 केवी के स्टेशन भी स्वीकृत हुए थे जिन्हें आंवला, क्योलड़िया, भुता और भमोरा में स्थापित किया जाना था। यह निर्माण नई दिल्ली की केईसी इंटरनेशल कंपनी लिमिटेड ने किया था। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लि. के निदेशक की रिपोर्ट के मुताबिक योजना के तहत गांवों में बिजली के खंबे और ट्रांसफार्मर लगाने के साथ बिजली की लाइन बिछाने के काम हुए थे।
रेंडम जांच होगी गांवों में हुए काम की
मामले की प्रारंभिक जांच बाद में उजागर हुआ कि विद्युतीकरण के लिए कई ऐसे भी गांव चुन लिए गए थे, जिनमें पहले से बिजली पहुंच चुकी थी। नए गांवों में भी घटिया तार, खंबे और ट्रांसफार्मर का इस्तेमाल किया गया। प्रदेश स्तर पर मामला उठने के बाद प्रकरण की जांच हुई, कई जगह गड़बड़ियां भी मिली। मौके पर लाइन और खंबे आदि नहीं लगे मिले। एसपी विजिलेंस के मुताबिक बड़े पैमाने पर हुई जांच के बावजूद हकीकत सामने नहीं आई। जिसके बाद जनपद स्तर पर जांच करवाई जा रही है। जल्द विजिलेंस की टीमें गांव में रेंडम सर्वे करेंगी।
समिति सदस्य और अधिकारियों को भेजी चिट्ठी
तत्कालीन समिति के सदस्यों और अधिकारियों को भी जांच से संबंधित पत्र भेजा गया है। जांच में फतेहगंज पश्चिमी के 17, मीरगंज के दस, बहेड़ी के 13, बिथरीचैनपुर के दस, भोजीपुरा के नौ, रिछा के 23, रामनगर के 34, शीशगढ़ के 14 सहित 478 गांव का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
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जांच की फाइल हमारे पास आई है। बरेली और बदायूं के गांवों में विद्युतीकरण के कामों की जांच होनी है। कार्यों के टेंडर और वर्क आर्डर सहित जानकारियों का खंगाला जा रहा है।
- किरण यादव, एसपी विजिलेंस