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Bareilly News: काले कारोबार का अंदाजा नहीं लगा पा रहे अफसर

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बरेली। अवैध रूप से 97 लाख रुपये की कोडीन युक्त कफ सिरप बेचने के मामले में अफसर आरोपी के काले कारोबार का अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं। फिलहाल पीलीभीत के औषधि निरीक्षक को सूर्या मेडिकल स्टोर पर कोडीन युक्त रैक्सले-टी सिरप की खरीद-बिक्री की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। यहां से अहम साक्ष्य हाथ लगने की उम्मीद है।
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सहायक आयुक्त (औषधि) संदीप कुमार का कहना है कि एक्सट्रीम हेल्थ सॉल्यूशन का प्रोपराइटर राहुल सभरवाल कोडीन युक्त रैक्सले-टी सिरप की गाजियाबाद की फर्म से अवैध खरीद-बिक्री कब से कर रहा है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि राहुल सभरवाल के काले कारोबार की चेन पीलीभीत के सूर्या मेडिकल स्टोर से ही मिलने की उम्मीद है। यह तय है कि वह लंबे समय से अवैध तरीके से औषधियों का व्यापार कर रहा था।
उन्होंने बताया कि 20 नवंबर को औषधि निरीक्षक राजेश कुमार को व्हाट्सएप पर लखनऊ स्थित आयुक्त मुख्यालय से औषधि रैक्सले-टी कफ सिरप-100 एमएल का गाजियाबाद के साहिबाबाद में स्थित एस्ले फार्माटेक प्राइवेट लिमिटेड से बरामद बिल भेजा गया था। ये एक्सट्रीम हेल्थ सॉल्यूशन के नाम से जारी हुआ था।
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क्रय-विक्रय की जांच के आदेश मिलने पर औषधि निरीक्षक राजेश उसी दिन राहुल सभरवाल के प्रतिष्ठान पर पहुंचे। उस समय राहुल भी यहां मौजूद था। औषधि निरीक्षक की पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह गाजियाबाद की फर्म से कोडीन युक्त कफ सिरप लेता रहा है।
उसने पीलीभीत के सूर्या मेडिकल स्टोर को भी इसकी बिक्री की है। औषधि निरीक्षक को राहुल सभरवाल ने निरीक्षण के दौरान ही क्रय की गई 62,687 बोतल रैक्सले-टी के सापेक्ष कुल 6000 बोतल के क्रय बीजक दिए थे। शेष 56,687 बोतल के क्रय बीजक नहीं दिए।
20 नवंबर को जांच के दौरान यहां औषधियों का स्टॉक शून्य मिला था। जांच अधिकारी राजेश कुमार ने जब पिछले दो वर्षों में औषधियों की खरीद-बिक्री का विवरण मांगा तो सिर्फ इस वर्ष का अप्रैल से अक्टूबर तक का विवरण ही दिया गया। संवाद
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