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Bareilly News: कई समस्याओं के कारण अधिकांश वक्फ संपत्तियां नहीं हो सकी पंजीकृत

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बरेली। वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण में लोगों को कई जटिल समस्याओं से जूझना पड़ा। इस कारण अभी भी बड़ी संख्या में लोग पंजीकरण नहीं करा पाए। इसके लिए आला हजरत दरगाह की ओर से केंद्र सरकार से छह महीने का समय दिए जाने की मांग की गई है।
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अधिक से अधिक वक्फ संपत्तियां भारत सरकार के ‘उम्मीद’ पोर्टल पंजीकरण हो सके इसके लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए, लेकिन कुछ परेशानियों की वजह से यह अधिकांश संपत्तियां पंजीकृत नहीं हो सकीं। इस संबंध में बरेली वक्फ कोआर्डिनेटर हाजी फैजी मंसूरी ने बताया कि वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के लिए लोगों को वेबसाइट पर लोड बढ़ने के कारण समस्या आई और लोग पंजीकरण नहीं करा सके। इसके अलावा तमाम लोग ऐसे हैं जिनके पास संपत्तियों का कागज नहीं मिल रहे हैं या फिर आधे अधूरे हैं। अहम बाद यह भी है कि तमाम लोगों को इस संबंध में जानकारी ही नहीं हैं कि उन्हें सरकार ने वक्फ संपत्तियों को पंजीकरण कराने कहा है। उनका मानना है इसके लिए लोगों को जागरूक किए जाने की जरूरत है। इसके लिए दरगाह आला हजरत सहित मलूकपुर, पुराना शहर, मलूकपुर, बांस मंडी, मीरगंज, नवाबगंज आदि में शिविर लगाया गया। जहां यह दिक्कतें देखने को मिली। मुफ्ती अहसन रजा ने कहा है कि समय का काफी अभाव रहा है। तमाम लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं है। इसलिए उनकी हुकूमत से मांग है कि इस काम के लिए कम से कम छह माह का समय दिया जाना चाहिए।
आला हजरत दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि इन संपत्तियों को सरकार के पोर्टल उम्मीद पर दर्ज कराने में आ रही दिक्कतों के लिए दूसरे शहरों से भी दरगाह के लोगों के पास फोन और ग्रुप में मैसेज आए, जिनकी मदद की गई। इसमें कानपुर, आगरा, झांसी, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बदायूं, पीलीभीत आदि शहरों से लोगों ने दरगाह से जानकारियां मांगी। संवाद
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ऑनलाइन नहीं हो पाया 456 वक्फ संपत्तियों का विवरण
बरेली। उप्र सुन्नी एवं शिया वक्फ बोर्ड से प्राप्त विवरण के अनुसार जिले में कुल 2,229 वक्फ संपत्तियां हैं। इसमें से उम्मीद पोर्टल पर 1773 संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन कराया जा सका है। शेष 456 संपत्तियों का विवरण नहीं मिल पाया है और न ही उनके मुवल्लियाें ने विभाग कार्यालय में संपर्क किया है। प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इंद्रजीत ने बताया कि संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज करने के लिए चार दिसंबर अंतिम तारीख घोषित थी। इसकी तिथि बढ़ी नहीं है। उन्होंने बताया कि शेष संपत्तियों के संबंध में केंद्र सरकार से प्राप्त निर्देशों के क्रम में कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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