बरेली। ग्राम पंचायतों और उनके वार्डों के परिसीमन में नेताओं की भूमिका उजागर होने के बाद अब पिछड़ी जाति के रैपिड सर्वे में भी खेल सामने आया है। पिछले 10 सालों में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ी जातियों की संख्या 62 फीसदी से बढ़कर 68 फीसदी बढ़ी हुई दर्शाई गई है लेकिन अनुसूचित जाति तथा सामान्य वर्ग की जनसंख्या 38 फीसदी से घटकर 32 फीसदी रह गई है। इस सर्वे के आधार पर पंचायत चुनाव का आरक्षण तय होगा इसलिए आंकड़ों के खेल में कुछ जातियों के वर्चस्व वाले नेताओं की भूमिका साफ तौर पर समझी जा रही है।
आरक्षण निर्धारित होने के बाद इसकी पुष्टि भी होते देर नहीं लगेगी। सामान्यत: आरक्षण प्रावधान में सर्वाधिक आबादी के आधार पर जिला पंचायत अध्यक्ष के पद का आरक्षण तय होता है। ऐसे में, सूबे की सर्वाधिक पिछड़ी जातियों वाले जिले में अध्यक्ष का पद इसी वर्ग को जाएगा, इसी गणित को साधने के लिए पूर्व तैयारी की कड़ी में रैपिड सर्वे में खेल किया गया है। ग्राम प्रधानों और ब्लाक प्रमुख के पदों के आरक्षण पर भी इस सर्वे का असर दिखाई पड़ेगा। गौरतलब यह भी है कि महीने भर में आनन-फानन में रैपिड सर्वे निपटाया गया।
इंसेट...
यह हैं आंकड़े
2005 में हुए रैपिड सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, जिले की 24 लाख जनसंख्या में से 15 लाख ओबीसी थे। अब 10 साल बाद जिले की लगभग 29.90 लाख की आबादी में ओबीसी की गणना 20.22 लाख दर्शाई गई है। बाकी लगभग 9.68 लाख की आबादी में सामान्य और अनुसूचित जाति के लोग हैं।
वर्जन...
रैपिड सर्वे बाकायदा प्रक्रिया के तहत कराया गया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। वहीं से आरक्षण नियम फाइनल होकर निर्णय होगा।
-टीसी पांडेय, डीपीआरओ
इंसेट...
किस ब्लाक में कितने ओबीसी
ब्लाक कुल जनसंख्या पिछड़ी जातियां
क्यारा 167094 124281
बिथरीचैनपुर 239052 133953
भोजीपुरा 199374 150250
फतेहगंज पश्चिमी 158261 110158
मीरगंज 165295 110418
आलमपुर जाफराबाद 224080 135785
मझगवां 224467 150142
रामनगर 161170 96153
शेरगढ़ 226100 172189
बहेड़ी 236649 154627
दमखोदा 182167 137879
नवाबगंज 259502 190573
भदपुरा 162683 121253
फरीदपुर 175652 107581
भुता 208985 127565
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कुल योग 2990531 2022807
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