कोरोना काल में खुले दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन पर कोविड-19 का खासा असर दिखाई दे रहा है। बीते वर्षों में शुरुआत के दिनों में ही दुधवा नेशनल पार्क फुल हो जाता था और पर्यटन सत्र के लगभग 15 दिन तक पार्क के हट बुक रहते थे, लेकिन इस बार ऑनलाइन केवल दस ही सैलानियों ने हट बुक कराए हैं। यही वजह है कि यहां के अधिकतर हट खाली पड़े हैं।
इस बार दुधवा नेशनल पार्क के द्वार सैलानियों के लिए 15 दिन पहले एक नवंबर को खोले गए थे। तब से यहां पर लगभग सौ के आसपास सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया है तो मात्र दस सैलानियों ने इन तीन दिन में ऑनलाइन बुकिंग कराई है। इसके तहत यहां अधिकतर थारूहट खाली पड़े हैं। जबकि बीते पर्यटन सत्रों के शुरुआती दिनों में ही दुधवा फुल हो जाता था।
आठ-दस दिन पहले से ही बुकिंग शुरू हो जाती थीं और पर्यटन शुरू होने के दस से पंद्रह दिन तक हट फुल रहते थे। इस बार कोरोना हटों के फुल न होने का कारण माना जा सकता है। कोरोना का खौफ ही कहें कि कोई वीआईपी अब तक यहां नहीं पहुंचा है और न ही विदेशी सैलानियों की ही आमद पार्क में हुई है। पार्क प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सैलानियों की तादाद बढ़ेगी। इसके लिए इंतजाम भी किए जा रहे हैं।
पार्क प्रशासन नहीं मानता सैलानियों की कम संख्या के लिए कोरोना को जिम्मेदार
दुधवा नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर मनोज सोनकर का कहना है कि दुधवा में सैलानी अच्छी तादाद में आ रहे हैं, फोन के जरिए भी लोग जानकारी ले रहे हैं। ऐेसे में यह नहीं कह सकते हैं कि कोरोना की वजह से सैलानी नहीं आ रहा है।
वन निगम के डीएलएम आरके सिंह का कहना है कि पहले दिन वन निगम के सभी हट बुक थे, दूसरे दिन भी अधिकतर बुक रहे। बाकी ऑनलाइन बुकिंग होती है और सैलानी लगातार आ रहे हैं। ज्यादातर सैलानी किशनपुर टाइगर साइटिंग के लिए जाना पसंद कर रहे हैं इस वजह से दुधवा में भीड़ कम दिख रही है। कोरोना वजह नहीं कहा जा सकता है।