300 बेड अस्पताल में बने छह सौ पर्चे
तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी भी पांच दिन बाद दोपहर दो बजे तक खुली। इसमें करीब छह सौ पर्चे बने। डॉ. पवन कपाही के मुताबिक वायरल बीमारियों के मरीज ज्यादा पहुंचे थे। आंखों के मरीजों की संख्या भी खासी रही। बुखार के मरीजों की लक्षणों के आधार पर डेंगू, मलेरिया, टाइयफाइड की जांच कराई गई। संदिग्धों के सैंपल जिला अस्पताल भेजे गए हैं।
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ओपीडी में नदारद रहे डॉक्टर
दिवाली की छुट्टियां खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुली, लेकिन कक्ष से अचानक डॉक्टरों के नदारद होने पर मरीजों को परेशान होना पड़ा। पर्चा काउंटर, ओपीडी, लैब और दवा काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार रही। इस दौरान नोकझोंक भी हुई।
वायरल, आंख और त्वचा के मरीज बढ़े
ओपीडी में पहुंचे मरीजों में सर्वाधिक संख्या वायरल बीमारियों के साथ आंख और त्वचा के मरीजों की रही। ज्यादातर मरीजों को सर्दी, जुकाम, बुखार, सूखी खांसी, आंखों में जलन, पानी निकलने, लाल होने और त्वचा में खुजली, चकत्ते पड़ने की समस्या रही। जोडों में दर्द, चलने फिरने में असमर्थता, कमजोरी, सुन्नपन, दुर्घटनाग्रस्त मरीज आर्थोपेडिक चिकित्सक के पास पहुंचे थे।
एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि डॉक्टरों के ओपीडी में न होने शिकायत मिली थी। वे इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को देखने गए थे। एक डॉक्टर राउंड पर थे। कुछ देर बाद दोनों डॉक्टर ओपीडी में आ गए। बॉयोकेमिस्ट्री टेस्ट मशीन ठीक की जा रही हैं।