बरेली में स्वास्थ्य विभाग के दावों के बीच बेकाबू हो रहे डेंगू के मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। शनिवार को 15 नए मरीज मिलने के बाद डेंगू ने जिले में दोहरे शतक का आंकड़ा पार कर लिया। हर दिन डेंगू के करीब सौ संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं। अब तक 16 वार्डों में मरीज मिल चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक हवा में हल्की ठंड घुलने के बाद मलेरिया के मामलों में कमी आ रही है, लेकिन डेंगू का कहर बढ़ता जा रहा है। जिले में अब तक मलेरिया के 3212 मरीज मिल चुके हैं। वहीं, डेंगू के मामले 213 हैं।
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शहर में सर्वाधिक प्रभावित इलाका बानखाना है, जबकि पिछले साल सीबीगंज डेंगू क्लस्टर बना था। जहां केस बढ़ रहे हैं, वहां डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर्स की टीम मरीजों का फॉलोअप करने के साथ लोगों को बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं।
आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक डेंगू के मामले एक साल के अंतराल पर बढ़ते-घटते रहते हैं। पर दो साल बाद तीसरे साल भी डेंगू का हमला थम नहीं रहा। ये स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
डेंगू के 337 संदिग्ध मरीज मिले
जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे बुखार के मरीजों की कार्ड जांच में डेंगू के 337 संदिग्ध मरीज मिले। हालांकि, इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेज, निजी लैब में भी जांच हो रही है। सिर्फ एलाइजा पॉजिटिव मरीज ही स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में होते हैं। संदिग्ध मरीजों को डेंगू पॉजिटिव बताकर कई अस्पतालों पर भारी बिल बनाने का भी आरोप है।
जरूरी कार्रवाई के लिए टीमों का संकट
अधिकारियों के मुताबिक डेंगू के केस जहां निकलते थे, वहां क्लस्टर बनना तय माना जाता है। लिहाजा, सोर्स रिडक्शन यानी निरोधात्मक कार्रवाई में आसान होती थी। पर इस साल अब तक जिले के 15 ब्लॉक और शहर के 16 वार्ड में मरीज मिल चुके हैं। अलग-अलग स्थानों पर जरूरी कार्रवाई के लिए टीमों का संकट है। बानखाना और भोजीपुरा को ही फिलहाल डेंगू क्लस्टर बनने की संभावना जताई जा रही है।