बरेली। जिला उद्योग बंधु की बैठक में कुछ अफसर हर बार काम पूरा करने का वादा तो करते हैं लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ती है। इस बार परसाखेड़ा में उद्यमियों के बीच जाकर डीएम ने बैठक कर फीडबैक लिया तो पता चला कि पांच विभाग लगातार बहानेबाजी करते आ रहे हैं। इनकी वजह से जिले में औद्योगिकीकरण के काम में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है। उद्यमी उद्योगों से संबंधित काम कराने के लिए विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। डीएम ने बैठक से नदारद रहे विद्युत सुरक्षा और श्रमविभाग के अधिकारी का वेतन काटने के निर्देश दिए।
डीएम ने जिले में औद्योगिकीकरण के लिए ‘सौ दिन सौ उद्योग’ योजना शुरू की तो संबंधित विभाग इसमें पलीता लगाने में पीछे नहीं रहे। निवेशक राजस्व धारा 80 में एनओसी पाने के लिए तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं कुछ विभाग और बैंक बिना लेनदेन के काम करने को तैयार ही नहीं है। परसाखेड़ा स्थित बीएल एग्रो सभागार में पहली बार हुई जिला स्तरीय बैठक में डीएम नितीश कुमार ने हर समस्या को गंभीरता से सुना और निस्तारण करने के आदेश दिए। उन्होेंने संबंधित विभागों का फीडबैक लिया तो पता चला कि विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन, श्रम, प्रदूषण और वन विभाग अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। बैठक में इन पांचों विभागों का काम असंतोषजनक पाया गया। परसाखेडा औद्योगिक क्षेत्र अध्यक्ष घनश्याम खंडेेलवाल ने विभिन्न समस्याएं रखीं और आगंतुकों का स्वागत किया। बैठक में एसके सिंह, अजय शुक्ला, सुरेश सुंदरानी, राजेश गुप्ता, केके चंदानी, विमल रेवाड़ी आदि उद्यमी मौजूद रहे।
नाला निर्माण में वन विभाग की मनमानी आई सामने
उद्यमी दिनेश गोयल ने कहा कि करीब सात वर्षों से सीबीगंज औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित नाले का निर्माण वन विभाग की मनमानी के चलते नहीं हो पा रहा है। अब वन विभाग ने एनओसी दी है। डीएम ने निर्देश दिए कि अगले माह से टेंडर और निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए। निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरण निस्तारित न होने का भी उद्यमियों ने मुद्दा उठाया। संयुक्त आयुक्त उद्योग आरआर गोयल ने बताया कि संबंधित विभागों को हर माह प्रकरणों का परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत सुरक्षा और श्रम विभाग संबंधी मामले उठने पर पता चला कि दोनों विभागों से कोई अधिकारी नहीं आया है। इस पर डीएम ने संबंधित नामित अधिकारी का वेतन काटने के आदेश कोषाधिकारी को दिए।
निरस्त होगा ज्ञानगंगा को भूखंड का आवंटन
भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र में नाला निर्माण पर बताया गया कि 560 मीटर नाला निर्माण का पीडब्ल्यूडी ने प्राक्कलन बनाया है। रिछा में इंडस्ट्रियल लाइन के तार बदलने की स्वीकृति दे दी गई है। प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्रकरण पर प्रधानाचार्य आईटीआई और उद्यमियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। संयुक्त आयुक्त उद्योग ने बताया कि आंवला में ज्ञानगंगा निर्वाण ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2009 में प्लॉट आवंटित कराया था, आवंटी ने अभी तक भूमि का औद्योगिक प्रयोजन नहीं किया है, नोटिस के बावजूद बकाया जमा नहीं की है। बैठक में सहमति से भूखंड का आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए गए। गोयल ने बताया कि भोजीपुरा में 20 उद्यमियों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। डीएम ने कहा कि 18 माह में उद्योग स्थापित और छह माह के अंदर औद्योगिक प्रक्रिया प्रारंभ नहीं करने पर आवंटन निरस्त होगा।