बरेली। हृदय की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजाें को महानगरों की दाैड़ लगाने की जरूरत नहीं। अब शहर स्थित श्री गंगा चरण आर्यवर्धन अस्पताल में कैरोटिड एंजियोप्लास्टी, बैलून माइट्रल वाॅल्वुलोप्लास्टी से इलाज शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में ये जानकारी कार्यकारी निदेशक शालिनी माहेश्वरी ने दी।
वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष शंखधार ने हाल ही में इन दोनों विधियों से सफल इलाज किया। बताया कि कैरोटिड एंजियोप्लास्टी में गर्दन की संकुचित धमनियों को खोलते हैं, ताकि मस्तिष्क तक ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह हो। इससे स्ट्रोक का जोखिम भी कम होता है। बैलून माइट्रल वाॅल्वुलोप्लास्टी में एक विशेष गुब्बारे के प्रयोग से हृदय के बाएं वेंट्रिकल वॉल्व को चौड़ा कर हृदयघात की आशंका कम की जाती है।
प्रशासनिक निदेशक संकेत बाली के मुताबिक अस्पताल में आधुनिक कैथ लैब, नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी, एंजियोप्लास्टी, एंजियोग्राफी, पेसमेकर इंप्लांटेशन, इकोकार्डियोग्राफी, टीएमटी, हॉल्टर मॉनिटरिंग सहित अन्य हृदय रोगों के इलाज विशेषज्ञ की देखरेख में होते हैं। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन से मनीष वैष्णव, चैतन्य गावड़े, उपनीत झा, अमित, सुमित, अशोक, शिव, विकास व अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो