बरेली। अमीन संघ के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार पर शुक्रवार को मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब इसमें लाइजनर के साथ एंटीकरप्शन के दो इंस्पेक्टर और टीम का वीडियो वारयरल हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष की तहरीर पर तहसीलदार सदर ने संस्तुति की है। कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अमीन रामजी शरण को रिश्वतखोरी में जेल भेजने के बाद एंटीकरप्शन टीम के इंस्पेक्टर विपक्षी गुट के अमीन मनोज यादव और बारादरी थाने के चर्चित लाइजनर के साथ स्टेशन रोड के होटल में पार्टी करने पहुंचे थे। रामजी शरण के भाई अमीन संघ के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश सिंह और उनके साथ सूर्यप्रकाश मौके पर पहुंचे। वहां दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इस दौरान टीम और लाइजनर भााग गए। मनोज यादव ने सर्वेश आदि के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट करा दी।
सर्वेश ने भी शुक्रवार को तहरीर दी थी। यही तहरीर तहसीलदार सदर की संस्तुति के साथ कोतवाल धर्मेंद्र सिंह को सौंपी गई। इसमें आवश्यक कार्रवाई का निर्देश लिखा है। कोतवाल ने जांच जंक्शन चौकी प्रभारी को दी है। उन्होंने कहा है कि वह कोई फर्जी रिपोर्ट दर्ज नहीं करेंगे।
इधर, सर्वेश ने फिर यही दावा किया है कि उनके भाई को फंसाने के लिए पूरी साजिश रची गई थी। उन्होंने होटल से पूरे वक्त का वीडियो फुटेज लेकर वायरल किया है। इसमें एंटीकरप्शन के दो इंस्पेक्टर, दो कर्मचारी, लाइजनर और मनोज आदि साथ खाना खाते हुए बातें कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मनोज पर भुता थाने में लूट का मुकदमा पहले दर्ज हुआ था।
मनोज ने बताया जान का खतरा
संग्रह अमीन संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने एंटी करप्शन टीम से किसी जुड़ाव से इन्कार किया है। कहा है कि जेल भेजा गया अमीन पहले भी रिश्वत लेने में निलंबित हो चुका है। रामजीशरण और सर्वेश 30 साल से सदर तहसील में तैनात हैं। मनोज ने आशंका जताई है कि ये लोग उनके परिवार को क्षति पहुंचा सकते हैं। मनोज ने डीएम, मानवाधिकार आयोग, राजस्व परिषद आदि को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।