फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: अब जेवीजी घोटाले के ठगों ने लगाया चूना

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। गंगा इन्फ्रासिटी, आईसीएल, कैनविज, अमर ज्योति फाइनेंस के बाद एक और चिटफंड कंपनी ने शहर निवासी शख्स को बीस लाख रुपये का चूना लगा दिया। ठगी करने वाला शातिर जेवीजी घोटाले का मास्टरमाइंड निकला। कोतवाली में नौ ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन

आलमगिरीगंज निवासी पुलक गुप्ता ने कोतवाल सुरेश चंद्र गौतम को बताया कि 2021 में उन्हें इच्छापूर्ति कंपनी के बारे में पता चला। कंपनी का एजेंट विवेक पुलक के पास आया और बताया कि इच्छापूर्ति कंपनी में एफएस बनने पर मोटा मुनाफा होता है। इसके बाद जनकपुरी नई दिल्ली निवासी कंपनी के मालिक संजय सिन्हा, पुष्पेश सिन्हा, सोनिया सिन्हा और आदित्य सिन्हा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात कराई।
पुलक के मुताबिक उन्होंने भी झांसे में आकर बीस लाख रुपये कंपनी में निवेश कर दिए। इसके बाद ठगों का व्यवहार बदल गया। कंपनी के निदेशक वैद्यनाथ गोस्वामी ने 2022 में उन्हें मुनाफे का झूठा आश्वासन दिया। जानकारी करने पर पता चला कि इच्छापूर्ति ने विभिन्न राज्यों के लोगों के साथ ठगी की है। 90 के दशक में चर्चित जेवीजी घोटाला करने वाले सेंट्रल एवेन्यू लेन सैनिक फाॅर्म, नई दिल्ली निवासी विजय शर्मा और संजय सिन्हा गैंग ने इच्छापूर्ति और अन्य नाम से कंपनियां बनाई हैं।
विज्ञापन

दोनों ने अलग-अलग राज्यों में विभिन्न नामों से कंपनियां बनाकर ठगी शुरू कर दी। इच्छापूर्ति कंपनी की कमान अपने गैंग के सदस्य गोविंदपुरी कालका जी नई दिल्ली निवासी वैद्यनाथ गोस्वामी को दे दी। कंपनी में जनकपुरी नई दिल्ली निवासी अमित बुद्धिराजा और इंद्रपुरी नई दिल्ली निवासी विशाल भी काम करते हैं। इच्छापूर्ति कंपनी करीब 80 करोड़ रुपये की ठगी कर चुकी है। कोतवाल सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि पुलक की ओर से आठ नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है। ब्यूरो
-

घोटालेबाज विजय को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने किया था गिरफ्तार
कोतवाल सुरेश चंद्र गौतम के अनुसार पुलक के साथ ठगी करने वाला विजय शर्मा और संजय सिन्हा ठग हैं। दोनों ने मिलकर 90 के दशक में चर्चित जेवीजी घोटाला किया था। बिहार, यूपी, दिल्ली आदि राज्यों के लोगों को रकम दोगुना करने का झांसा देकर ठगा गया था। कंपनी लक्जरी कारें, हेलीकॉप्टर तक किराये पर रखती थी। तब एक हजार करोड़ रुपये का स्कैम किया गया जो 90 के दशक का सबसे बड़ा घोटाला था। फिर जेवीजी ग्रुप के डायरेक्टर विजय शर्मा ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर बंद कर दिया था। शहरों और कस्बों में खोले गए कंपनी के दफ्तर रातोंरात बंद हो गए। महाठग विजय पर एक लाख रुपये का इनाम रखकर उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। मई 2013 में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने ठग विजय शर्मा को पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इससे पहले 1999 में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी। अब बरेली कोतवाली पुलिस विजय शर्मा और उसके गैंग पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें