बरेली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में बदायूं में कार्यरत घपलेबाज जिला मिशन प्रबंधन को शासन से बरेली में तबादला कर दिया गया। मिशन प्रबंधन बरेली में एनआरएलएम का काम देखने वाले रिटायर्ड कर्मचारी का रिश्तेदार बताया जाता है। रिटायर्ड कर्मचारी ने ही शासन में पैरवी कर अपने रिश्तेदार की बरेली में तैनाती कराई है, ताकि रिटायर्ड कर्मचारी के अलग-अलग नामों से बने फर्जी स्वयं सहायता समूहों को रिवाल्विंग फंड समेत अन्य सरकारी मदद दिलाई जा सके।
बदायूं में मंगलवार को सीडीओ ने छापा मारकर एनआरएलएम दफ्तर सील कर दिया। वहां एनआरएलएम में बड़े घपले की सूचना मिली थी। मगर, वहां दफ्तर सील होने से पहले ही राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधन की तैनाती बरेली में कर दी गई। बदायूं में हिंदू युवा वाहिनी ने वहां के जिलाधिकारी को भेजी शिकायत में आरोप लगाया कि एनआरएलएम का जिला मिशन प्रबंधक कर्मचारियों के मानदेय के अलावा खर्च बिल में 12 प्रतिशत तक कमीशन लेते हैं। मेगा कैंपों के नाम पर करोड़ों का गबन कर स्वयं सहायता समूहों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराए गए। मिशन प्रबंधन इकाई का लक्ष्य सिर्फ कागजों में ही पूरा करने के अलावा समूह की महिलाओं से सात से आठ महीने तक मुफ्त में काम लिया गया। डीआरडीए अफसरों ने कहा कि शासन से पत्र आया है, लेकिन अभी ज्वाइन नहीं किया है।