दो माह बाद गर्मियां आने वाली हैं, कूलर और पंखा चलेगा तो बिल भी बढे़गा। इससे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। उधर, बिजली विभाग ने किफायती ट्यूब लाइट और पंखे घर-घर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने चुनाव से पहले ही निविदाएं मांगना शुरू कर दिया था।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने देश भर में ‘उजाला’ योजना से सस्ती एलईडी वितरण शुरू कराया था। पहली मई 2015 से शुरू हुई डीईएलपी (डिमास्टिक इफेसेंसी लाइटिंग प्रोग्रामिंग) योजना से यूपी में 1.51 करोड़ सात वाट के एलईडी बल्ब उपभोक्ताओं को गारंटी के साथ बांटे गए। बरेली मंडल में 9.34 लाख बल्ब बिके। बरेली जिले में सबसे ज्यादा 4.99 लाख और बदायूं में सबसे कम 99.8 हजार बल्ब लोगों ने खरीदे।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक अभिषेक प्रकाश ने बताया कि यूपी में सात वाट एलईडी से करीब 19.51 मेगावाट बिजली हर घंटे बचत हो रही है और 390 मेगावाट बिजली मांग में कमी आई है। सिस्टम पर भार और ऊर्जा मांग कम होने से करीब 780 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
नौ वाट के पंखे बचाएंगे बिजली
प्रबंध निदेशक अभिषेक प्रकाश ने बताया कि अप्रैल से प्रदेश भर में बीस वाट ट्यूब लाइट और नौ वाट पंखे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जाएंगे। ‘उजाला’ की सफलता के बाद ट्यूब लाइट और पवन योजना शुरू हुई है। वितरित होने वाली ब्रांडेड ट्यूब लाइट करीब डेढ़ सौ रुपये में मिलेगी, जो बाजार में चार सौ से छह सौ रुपये में मिलती है। इससे गरीब उपभोक्ता भी ट्यूब लाइट और पंखे का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि पश्चिमांचल निगम में बिल जमा करने के लिए सबसे पहले कैशलेस योजना शुरू कराई गई है। यूपी में अन्य स्थानों में भी पीओएस स्वाइप मशीनों से आन स्पॉट बिल जमा होंगे।
‘सस्ती और कम वाट वाली ट्यूब लाइटें और पंखे देने की योजना है। चुनाव आचार संहिता से पहले ही निविदाएं मांगने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। सबसे पहले पश्चिमांचल निगम योजना लागू कर रहा है।’
- अभिषेक प्रकाश, प्रबंध निदेशक