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वोट डालने का था उत्साह, बूथ पर पहुंचे तो हुए मायूस 

Thu, 16 Feb 2017 01:37 AM IST
बरेली।  
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Vote was the enthusiasm, Booth arrived at the Desperate - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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घर से निकले तो थे अपने पसंद के प्रत्याशी को वोट देने लेकिन बूथ पर पहुंचने पर सूची में नाम न होने से मायूस हो गए। बीएलओ से अपनी पर्ची मांगी। जब नाम ढूंढने की बारी आई तो नई पुरानी किसी सूची में नाम ही नहीं था। कई बूथों पर यह नजारा देखा गया। सैकड़ों लोगाें के नाम कटे थे, कई लोगों को तो मृत घोषित कर दिया गया। किला क्षेत्र में तो लोग इतने नाराज हुए कि उन्हाेंने हंगामा किया और पुलिस बुलाई पड़ी।
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किला क्षेत्र के तिलक इंटर कॉलेज मतदान केंद्र पर 20 से अधिक लोगों के वोटर लिस्ट से नाम ही गायब थे। सुरक्षा कर्मियों ने पर्ची मांगी तो नहीं दिखा पाए इससे इनको प्रवेश नहीं करने दिया। खूब हंगामा हुआ तो पुलिस ने बाहर खदेड़ दिया। डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया, हालांकि वोट डालने को नहीं मिला। पुराना शहर के मोहल्ला कटी कुइयां निवासी साबिर हुसैन अपने परिवार के 8 सदस्याें के साथ आजाद इंटर कॉलेज मतदान केंद्र पर वोट नहीं डाल सके। शकील मंसूरी के परिवार के नौ में से चार लोगों के नाम गायब थे। काजी टोला मोहल्ले के जहीर के भी पूरे परिवार के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। घेर जाफर खां, कांकर टोला में भी यही हाल रहा। जीआईसी में बीएलओ राजकुमारी के पास सुबह 9 बजे तक करीब 20 से 25 लोग वोट न डालने से लौट गए। बीएलओ ने बताया कि कई लोगाें के नाम सुधार करके दिए थे लेकिन फिर भी उनका नाम नहीं आया। 

वोटर पर्ची से नहीं डालने दिया वोट 
सूरज भान इंटर कॉलेज में बूथ पर वोटर पर्ची लाने वालाें को वोट देने से मना कर दिया गया। लोगाें ने काफी हंगामा किया। यहां पार्टी प्रत्याशियाें के अभिकर्ताओं ने प्रशासन के अधिकारियों और बूथ पर मौजूद अधिकारियों से इस पर आपत्ति जताई। कहा कि आयोग ने वोटर पर्ची को भी मान्यता दी है। कपिल कांत ने बताया कि करीब 25 लोग यहां से लौट चुके हैं। 
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आलमपुर कोट में सौ के नाम कटे
रामनगर। आलमपुर कोट में करीब सौ लोगों ने बीएलओ पर नाम काटने का आरोप लगाया है। हरपाल, नरेश पाल, हरनंदन, गंगा देवी, जगदीश, रिंकी, गीता, धन देवी, दिनेश आदि का कहना है कि बीएलओ ने सूची में नाम जोड़ने के लिए उनसे पचास-पचास रुपये लिए और नाम भी नहीं जोड़े। इस कारण वह  जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की गई है। 
फतेहगंज पूर्वी के कजरौटा गांव के पचास से ज्यादा मतदाताओं केे पहचान पत्र में दर्ज नाम और फोटो का मिलान मतदाता सूची के नाम और फोटो से नहीं हुआ। इस गड़बड़ी के कारण मतदाताओं को परेशान होना पड़ा। 
 हाफिजगंज के गांव बकैनिया की प्रीति वोट देने पहुंची। मतदाता सूची में उनके पति के साथ उनका नाम भी कटा मिला। प्रीति के पति अनूप की एक साल पहले मौत हो चुकी है, पति के नाम के साथ उनका नाम भी मतदाता सूची में नहीं मिलने पर वह निराश होकर लौट गईं।

कोई और डाल गया वोट
शाही। बूथ नं. 145 आजमनगर पर माजिद खां की पत्नी रुखसाना तीन बजे वोट डालने पहुंचीं तो पीठासीन अधिकारी ने बताया कि उनका वोट पड़ चुका है। इस पर रुखसाना की पीठासीन अधिकारी से कहासुनी भी हुई। उनके पर्ची फाड़कर फेंकने का भी आरोप है। स्टाफ ने जैसे तैसे मामला शांत कराया। फतेहगंज पश्चिमी के लोधीनगर वार्ड की लीलावती का वोट भी कोई और डाल गया। मतदान का मौका न मिलने से गुस्साई लीलावती ने खूब हंगामा काटा। एसडीएम भी पहुंच गईं लेकिन लीलावती को वोट नहीं डालने दिया गया। पीठासीन अधिकारी का कहना था कि गलती से पर्ची जमा नहीं कराई थी। उसी पर्ची को लेकर लीलावती दुबारा वोट डालने आई थी।
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